गोवंश को सर्दी से बचाने के लिए गोशालाओं में करें पर्याप्त इंतजाम

गोवंश को सर्दी से बचाने के लिए गोशालाओं में करें पर्याप्त इंतजाम

संक्षेप:

Amroha News - सीडीओ अश्विनी कुमार मिश्रा ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोचर भूमि में हरे चारे के उत्पादन और गोवंश को ठंड से बचाने के उपायों पर जोर दिया। ठंड के मौसम में गोशालाओं में तिरपाल, बोरा, और पराली का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

Nov 24, 2025 11:50 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अमरोहा
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सीडीओ अश्विनी कुमार मिश्रा ने निराश्रित गोवंश के शत प्रतिशत संरक्षण, गोचर भूमि में हरे चारे के उत्पादन के साथ संरक्षित गोवंश को ठंड से बचाव के लिए कैटल शेड तिरपाल से कवर करने के निर्देश दिए। कहा कि शीत ऋतु के दृष्टिगत गोवंश को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएं। इसके लिए उन्होंने पंचायती राज विभाग, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद को दिशा-निर्देश जारी किए। कहा कि शीत ऋतु के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गोशालाओं में गोवंश को ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय आवश्यक हैं। इसके लिए आश्रय स्थलों में तिरपाल, बोरा, पराली इत्यादी का प्रबंध किया जाए।

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आश्रय स्थलों में निर्मित शेड को तिरपाल और बोरे आदि से विधिवत कवर कराया जाए, जिससे ठंडी हवाओं से गोवंश को सुरक्षित रखा जा सके। ठंड से बचाव के लिए जूट वाले बोरों का उपयोग किया जाये। आवश्यकता पड़ने पर जनपद स्तर विभिन्न संस्थाओं के पास उपलब्ध अनुपयोगी बोरों टाट आदि को गो आश्रय स्थलों में भेजकर प्रयोग किया जाए। आश्रय स्थलों की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए। आश्रय स्थलों में पानी, गोबर, गोमूत्र आदि की निकासी का समुचित इंतजाम हो। गोआश्रय स्थलों में बिछावन के लिए पराली, लकड़ी का बुरादा, गन्ने की खोई आदि का प्रयोग किया जाए। समय-समय पर बिछावन को बदला जाना आवश्यक है। वृद्ध अशक्त व नवजात गोवंशों पर विशेष देखभाल की जरूरत है। निराश्रित गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार दिया जाए। किसी भी स्थिति में रात्रि के समय गोवंश खुले स्थान पर न रहे और दिन में गोवंश को पर्याप्त धूप में रखा जाए।