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इंजन, फिटनेस सही होने पर ही बनेगा प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र

इंजन, फिटनेस सही होने पर ही बनेगा प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र

अब प्रदूषण प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनेगा। प्रदूषण को मापने वाली मशीन से वाहन की सही तरीके से जांच की जाएगी। उसका इंजन, फिटनेस सब ठीक होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। हस्तलिखित प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा।

जनपद में 24 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। जहां पर वाहन का भौतिक निरीक्षण करने के बाद प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। इसके लिए वाहन मालिकों को वाहन लेकर प्रदूषण जांच केंद्र पर जाना पड़ता है। जहां पर हस्तलिखित प्रमाण पत्र बना कर दिया जाता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। हस्तलिखित की बजाय प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनेगा। केंद्र पर लगी प्रदूषण मापने वाली मशीन से वाहन की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि इंजन सही है। ज्यादा धुआं नहीं दे रहा है। इंजन की आवाज भी मानक के मुताबिक है। वाहन पूर्णतया सही पाए जाने पर ही प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र मुहैया कराया जाएगा। एआरटीओ प्रशासन आरके वर्मा ने बताया कि प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जाने के कारण किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। एआरटीओ ने बताया कि प्रदूषण जांच केंद्रों को लखनऊ से पासवर्ड दिया गया है, जिसका लिंक सीधा लखनऊ से होगा।

होगा एनजीटी के नियमों का पालन

अमरोहा। एआरटीओ ने बताया कि प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र हाथ से बनाए जाने के दौरान गड़बड़ी की तमाम शिकायत मिलती थीं। नियम कानून को ताक पर रखकर प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे। वाहन चेक किए बगैर भी बैक डेट में प्रमाण पत्र बना कर दिए जाते थे। मगर अब ऐसा नहीं होगा। वाहन को मौके पर बुलाया जाएगा। मेजरमेंट मशीन में वाहन की डिटेल डाली जाएगी। जिसमें सब कुछ सामने आ जाएगा। वाहन की फिटनेस, इंजन आदि सही होने पर ही प्रमाण पत्र बना कर दिया जाएगा। इससे एनजीटी के नियमों का भी पालन होगा।

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