जावित्री मर्डर की कड़ी नहीं जोड़ पा रही पुलिस, 12 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद भी नतीजा सिफर
पुलिस जावित्री हत्या मामले में 12 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। 18 मई को जावित्री का शव उसके घर में मिला, जिसके हाथ-पैर बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पुलिस ने मामले में जांच जारी रखी है।

पुलिस जावित्री मर्डर की कड़ी नहीं जोड़ पा रही है। मामले में 12 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन नतीजा सिफर है। रहरा थाना क्षेत्र के गांव पौरारा में गांव के बाहरी छोर पर बने अपने मकान के कमरे में 18 मई की सुबह 45 वर्षीया जावित्री पुत्री स्व.कल्याण सिंह सैनी का शव पड़ा हुआ मिला था। दुपट्टे से शव के हाथ-पैर बंधे थे जबकि, मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सिर पर वजनीली वस्तु के प्रहार से गहरा जख्म हो गया था। एसपी लखन सिंह यादव ने मौका मुआयना किया था। सामने आया कि 17 मई की रात किसी वक्त जावित्री का मर्डर किया गया था।
डॉग स्क्वायड, फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए थे। पौरारा निवासी ममेरे भाई राकेश की तहरीर पर पुलिस ने जावित्री के सगे भाई टेकचंद के बेटे हिमांशु व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। चेहरे समेत जावित्री के शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी मिले थे। दर्ज मुकदमे के मुताबिक पिता लक्ष्मण सिंह द्वारा दान में दी गई पांच बीघा कृषि भूमि को लेकर विवाद में मर्डर की बात कही गई थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस इस मामले में नामजद आरोपियों व वादी समेत 12 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। बताया जा रहा है कि पुलिस घटना की कड़ी नहीं जोड़ पा रही है। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि मामले में जांच-पड़ताल जारी है, जल्द खुलासा जाएगा।
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