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28 फरवरी, 2021|6:38|IST

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सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान टीम से नोकझोंक, हंगामा

सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान टीम से नोकझोंक, हंगामा

1 / 2सीलिंग की सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान लोगों की राजस्व विभाग की टीम के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा खड़ा हो गया। कुछ प्लाट स्वामियों ने पैमाइश का विरोध...

सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान टीम से नोकझोंक, हंगामा

2 / 2सीलिंग की सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान लोगों की राजस्व विभाग की टीम के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा खड़ा हो गया। कुछ प्लाट स्वामियों ने पैमाइश का विरोध...

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गजरौला। हिन्दुस्तान संवाद

सीलिंग की सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान लोगों की राजस्व विभाग की टीम के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा खड़ा हो गया। कुछ प्लाट स्वामियों ने पैमाइश का विरोध जताया। हालांकि टीम ने पैमाइश पूरी कर जमीन का चिन्हीकरण किया। निर्माण ढहाने के लिए पालिका की जेसीबी बुलाई गई लेकिन बाद में ध्वस्तीकरण नहीं कराया गया।

जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला जलालनगर में सीलिंग की 22 बीघा सरकारी जमीन है। आरोप है कि इसमें से 12 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लाटिंग कर दी गई। मामले की शिकायत पर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम मंडी धनौरा ने मामले में जांच शुरू की है। बुधवार को एसडीएम ने जमीन का निरीक्षण किया। गुरुवार सुबह तहसीलदार सदानंद सरोज के नेतृत्व में जमीन की पैमाइश की गई। राजस्व व पालिका की संयुक्त टीम ने पैमाइश की। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई। पैमाइश के दौरान टीम की लोगों से नोकझोंक हुई। हंगामे का माहौल रहा। कुछ प्लाट स्वामियों ने पैमाइश का विरोध किया लेकिन टीम ने पैमाइश पूरी करके सरकारी जमीन का चिन्हिकरण किया।

इंसेट :

बोले लोग...डेढ़ साल से हो रही थी प्लाटिंग, तब क्यों नहीं आए अधिकारी

गजरौला। सरकारी जमीन पर पिछले करीब डेढ़ साल से प्लाटिंग हो रही है। भू-माफिया ने ज्यादातर प्लाट बेच भी दिए हैं। गुरुवार को पैमाइश करने पहुंची टीम से लोग बोले, यहां पिछले डेढ़ साल से प्लाटिंग हो रही है तब कोई अधिकारी क्यों नहीं मौके पर आया। जब प्लाट पर घर बनने शुरू हुए हैं तब अधिकारी जमीन की नाप करने पहुंचे हैं। कहा कि उनके पास बैनामा है। अधिकारियों को अगर कार्रवाई करनी हैं तो उनके खिलाफ करें, जिन्होंने प्लाटिंग करके जमीन बेची है।

सरकारी जमीन पर बने प्लाट के हो गए दाखिल खारिज

गजरौला। प्रशासन की अनदेखी भी कहीं न कहीं सरकारी जमीन पर कब्जे की जिम्मेदार नजर आ रही है। भू-माफिया ने सरकारी जमीन पर प्लाटिंग कर दी। खास बात यह है कि प्लाट खरीदने के बाद कई लोगों ने जमीन का दाखिल खारिज भी करवा लिया। दाखिल खारिज करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों ने सरकारी जमीन का ही दाखिल खारिज कर दिया। इतना ही नहीं कुछ लोगों के पास तो नगर पालिका के हाउस टैक्स की रसीद भी है। पालिका प्रशासन द्वारा भी इस ओर लापरवाही बरतने का मामला सामने आ रहा है। सवाल यही कि अगर जमीन सरकारी है, तो पालिका से हाउस टैक्स की रसीद क्यों काट दी गई।

पैमाइश के दौरान सामने नहीं आए भू-माफिया

गजरौला। जमीन की पैमाइश के दौरान प्लाट खरीदने वाले लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्लाटिंग करने वालों को फोन कर मौके पर बुलाया लेकिन प्लाटिंग करने वाले मौके पर नहीं पहुंचे। इसके उलट वह अपने समर्थकों से फोन पर ही पैमाइश की बावत जानकारी करते रहे।

कोट :

सरकारी जमीन की पैमाइश की गई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। जमीन पर कुछ घर भी बन गए हैं। कोशिश की जाएगी कि बिना घर तोड़े ही सरकारी जमीन पूरी हो जाए। इसका लोगों को भी आश्वासन दिया गया है।

सदानंद सरोज, तहसीलदार, मंडी धनौरा

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  • Web Title:Noisy ruckus from the team during the measurement of government land