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24 जनवरी, 2021|11:42|IST

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नए साल में अमरोहा के विकास को शुरू होंगे कई प्रोजेक्ट

नए साल में अमरोहा के विकास को शुरू होंगे कई प्रोजेक्ट

अमरोहा। निज संवाददाता

नए साल में जिले के विकास को पंख लगेंगे। शिक्षा, रोजगार और खेल के अवसर बढ़ेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास, उद्योग, खेतीबाड़ी, रोजगार के क्षेत्र में जिले को नई सौगात मिलने की उम्मीद जगी है। मरीजों को दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आदि हायर सेंटर की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी। अमरोहा शहर और पार्कों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। तिगरी धाम को विकसित कराते हुए गांवों को नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे से जोड़ने वाले मार्गोँ को दुरुस्त कराया जाएगा।

चालू साल जिले के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं दे सका। कोरोना संक्रमण से जिले का विकास प्रभावित हुआ। सरकारी योजनाएं अधर में लटकी रहीं। ग्राम पंचायतों के खातों में रकम होते हुए भी ग्रामीण आबादी विकास के लिए तरसती रही। लॉकडाउन में जिले के उद्योगों का पहिया भी नहीं घूम सका। अनलॉक में हालत सुधरे तो किसान आंदोलन ने कारोबार फिर से चौपट कर दिया। खेती, किसानी, शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य सेवाएं सभी कोरोना के चलते प्रभावित रहीं। कोरोना की मार से जिले को उबारने के लिए नया साल उम्मीदों की किरण लेकर आएगा। नए साल में जिले को कई बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन स्तर से बड़ी योजनाओं की प्लानिंग की जा रही है। कई योजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं, तो कुछ भेजे जाएंगे।

जिले की सीमा से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे

अमरोहा। गंगा एक्सप्रेस-वे का कार्य तेजी से चल रहा है। हसनपुर तहसील क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों से होकर गंगा एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। क्षेत्र के कई गांवों की भूमि गंगा एक्सप्रेस-वे में जाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक्सप्रेस-वे के निकलने से जिले के विकास को पंख लेंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बाहर की बड़ी कंपनियां क्षेत्र में आकर उद्योग स्थापित करेंगी।

नहरों के निर्माण के कार्य हो सकेगा पूरा

अमरोहा। जिले में नहरों के निर्माण का कार्य चल रहा है, जो नए साल में पूरा हो जाएगा। नहरों के निर्माण से फसलों की सिंचाई की किल्लत से किसानों को निजात मिलेगी। खेती में सुधार आएगा। युद्ध स्तर पर जिले में नहर निर्माण कार्य चल रहा है। हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है।

जिले के ढोलक उद्योग के विकास को लगेंगे पंख

अमरोहा। जिले में बड़े पैमाने पर ढोलक का कारोबार होता है। जिले का यह प्राचीन कारोबार है। इस उद्योग के विकास के लिए शासन-प्रशासन स्तर से जोर दिया जा रहा है। जिले में औद्योगिक एरिया विकसित कराया जाएगा। पिछले कई वर्षों से इसकी मांग उठाई जा रही है। नए साल में उम्मीद की किरण जगी है। ढोलक उत्पाद तैयार करने की आधुनिक यूनिटें शहर में खुलेंगी। ढोलक उद्योग के लिए लकड़ी डिपो और तैयार माल को जिले से बाहर भेजने के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी कारोबारियों को मुहैया कराई जाएगी। इस दिशा में जल्द कार्य शुरू होगा।

जैविक खेती से किसानों से बढ़ी पैदावार

अमरोहा। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए जिले में जैविक खेती पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही खेती की आधुनिक पद्धति अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। किसान खुद ही जैविक खाद तैयार कर फसलों की पैदावार बढ़ा सकेंगे। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए शोध केंद्रों से गन्ने का बीज मंगाया जाएगा। किसानों को गन्ने की नई प्रजातियों का बीज मुहैया कराया जाएगा।

मैंगो पैक हाउस से बागवानी खेती को मिलेगा बढ़ावा

अमरोहा। जिले में बड़े पैमाने पर आम की खेती की जाती है लेकिन मैंगो पैक हाउस न होने से आम उत्पादकों को फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जिले में मैंगो पैक हाउस का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी, नए साल में मैंगो पैक हाउस का निर्माण कराया जाएगा।

फूड प्रोसेसिंग यूनिटों की स्थापना से बढ़ेगी किसानों की आय

अमरोहा। जिले में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती की जाती है लेकिन फूड प्रोसेसिंग यूनिट न होने के कारण हर साल टमाटर पर मंदी की मार से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन इस बार जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिटों की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए कई उद्यमियों ने यूनिटों की स्थापना के लिए आवेदन किए हैं। प्रशासन स्तर से प्रयास जारी है।

बेसिक स्कूलों को बदहाली से मिलेगी निजात

अमरोहा। नए साल में जिले के बेसिक स्कूलों को बदहाली से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। ऑपरेशन कायाकल्प अभियान के तहत स्कूलों को सुविधाओं से युक्त कराया जा रहा है। जिले में 1266 बेसिक स्कूल हैं, जिसमें 400 से अधिक स्कूलों में अभियान के तहत निर्माण व विकास कार्य कराए जाने शेष हैं। नए साल में शेष बचे स्कूलों को अभियान से संतृप्त कराया जाएगा।

अमरोहा शहर और पार्कों का होगा सौंदर्यीकरण

अमरोहा। शहर और पार्कों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके लिए प्लानिंग शुरू हो गई है। कलक्ट्रेट स्थित पार्कों में सौंदर्यीकरण कार्य शुरू हो गया है। बुधवार को डीएम ने अफसरों के साथ कलक्ट्रेट में पार्कों का निरीक्षण किया। कार्य योजना बनाई गई। अमरोहा शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। शहर में फर्राटा भर रहे अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।

इलाज के लिए बड़े शहरों की नहीं लगानी पड़ेगी दौड़

अमरोहा। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद भी नए साल में जगी है। मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आदि बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिले के सरकारी अस्पतालों में बेहरत इलाज मिल सकेगा। इसके लिए अस्पतालों में स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा। साथ ही अस्पतालों को सुविधाओं से युक्त कराया जाएगा।

नए साल में रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

अमरोहा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों के तहत युवाओं की कैरियर काउंसलिंग कराई जाएगी। महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महिला समूह के तहत स्वरोजगार पर जोर दिया जाएगा। जिले में काफी संख्या में महिला समूय सक्रिय हैं।

तिगरी धाम पर्यटक स्थल में होगा तब्दील

अमरोहा। तिगरी धाम जिले के प्रसिद्ध धामों में से एक है। यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेला लगता है। तिगरी धाम को विकसित कराने के लिए योजना तैयार की गई है। तिगरी धाम को पर्यटक स्थल में तब्दील किया जाएगा। स्नान के लिए पक्के घाट बनाए जाएंगे। साथ ही शौचालयों की बेहतर व्यवस्था कराई जाएगी। इलेक्ट्रानिक शवदाह गृह का निर्माण कराया जाएगा। इसका प्रस्ताव पास हो चुका है।

कोट :

नये साल में जिले के विकास के लिए प्लानिंग और योजनाएं अभी से बनाई जा रही हैं। अधूरे कार्योँ को प्रमुखता से पूरा कराया जाएगा। जिले के उद्योगों का विकास प्राथमिकता पर रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास, रोजगार, उद्योग, खेती बाड़ी के क्षेत्र में नवीन कार्य कराए जाएंगे। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी लोगों को मिल सकेंगी।

उमेश मिश्र, डीएम

नए साल की नई चुनौतियां

शहर में जाम सबसे बड़ी समस्या

अमरोहा। शहर में जाम की समस्या सबसे बड़ी है। बाईपास होते हुए भारी व बड़े वाहन शहर से होकर गुजरते हैं। इसी कारण अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर अतिक्रमण और डिवाइडर न होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालकों से लेकर शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर में अवैध ई-रिक्शा, ऑटो भी काफी संख्या में दौड़ रहे हैं, जो जाम का कारण बन रहे हैं। इस ओर भी पुलिस प्रशासन को कोई ध्यान नहीं है। शहर के अंदर भी जाम की स्थिति बनी रहती है।

अमरोहा शहर में पानी की निकासी चुनौती

अमरोहा। शहर की बनावट तालाबनुमा होने के कारण पानी की निकासी सबसे बड़ी समस्या है। रास्ते ऊंचे हो गए हैं और नालियां नीचे पड़ गई हैं। सीवर लाइन शहर में नहीं है। जिसके कारण शहर में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकट हो जाती है। पानी की निकासी के लिए पिछले कई साल से नाले का निर्माण चल रहा है। जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अमरोहा शहर को जलभराव से निजात दिलाना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

जिले में लुप्त हो रही नदियों को पुनर्जीवित करना चुनौती

अमरोहा। प्रशासन की अनदेखी के चलते जिले में कई नदी लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। अवैध कब्जे को चलते नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। सोत नदी पर कहीं फसल खड़ी हैं तो कहीं इमारतें खड़ी हैं। नदियों की भूमि से अवैध कब्जों को हटवाना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

खंडहर स्कूल भवन भी हैं चुनौती

अमरोहा। जिले में 40 से अधिक बेसिक स्कूल खंडहर भवनों में संचालित होते हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य पूरे साल दांव पर लगा रहता है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उक्त स्कूल किराए के भवनों में संचालित हैं। भवन स्वामी स्कूलों की मरम्मत नहीं कराने देते और विभाग स्कूलों को छोड़ना नहीं चाहता।

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  • Web Title:Many projects will start for the development of Amroha in the new year