ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश अमरोहाअपहरण के बाद सौतेले भाई की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास

अपहरण के बाद सौतेले भाई की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास

अपहरण के बाद सौतेले भाई की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी ने...

अपहरण के बाद सौतेले भाई की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास
हिन्दुस्तान टीम,अमरोहाTue, 14 May 2024 06:45 PM
ऐप पर पढ़ें

अपहरण के बाद सौतेले भाई की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी ने एक अन्य सौतेले भाई की गर्दन काटकर घायल कर दिया था।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव दाउद सराय में किसान बेगनाथ का परिवार रहता है। पहली पत्नी की मौत के बाद बेगनाथ ने मोहम्मदी सराय निवासी कमलेश से दूसरी शादी की थी। बेगनाथ की पहली पत्नी के तीन बेटे रूपचंद, गुड्डू उर्फ विकास और वेद प्रकाश हैं, जबकि कमलेश के पास भी अपने पहले पति के तीन बच्चे थे। पहले पति से पैदा हुआ कमलेश का बेटा शेर सिंह दाउद सराय आता-जाता था। लेकिन वह अपनी मां कमलेश की दूसरी शादी होने और बेगनाथ व उनकी पहली पत्नी से पैदा तीनों बच्चों से रंजिश रखता था। 18 फरवरी 2017 को शेर सिंह किसान बेगनाथ के घर आया था। यहां वह अपने दो सौतेले भाई गुड्डू उर्फ विकास और वेदप्रकाश के साथ घर में सोया था, जबकि किसान बेगनाथ अपनी पत्नी कमलेश के साथ अपने भाई श्योनाथ के घर पर सोए थे। अगले दिन सुबह बेगनाथ अपने घर पहुंचे तो उनका बेटा गुड्डू उर्फ विकास और वेद प्रकाश लापता मिले। तलाश करने पर गुड्डू उर्फ विकास गांव के ही निवासी राहुल के गन्ने के खेत में बेहोश हालत में पड़ा मिला। उसकी गर्दन काटी गई थी, लेकिन सांस चल रही थी। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया जबकि वेद प्रकाश का शव दो दिन बाद 20 फरवरी 2017 को जंगल से बरामद हुआ। मामले में मृतक वेद प्रकाश के चाचा नरेश ने शेर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि शेर सिंह ने अपनी मां कमलेश से बेगनाथ द्वारा दूसरी शादी करने की रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया। बाद में पुलिस ने शेर सिंह को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है। मुकदमे की सुनवाई जिला जज जफीर अहमद की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने मंगलवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी शेर सिंह को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।