
भ्रष्टाचार के साथ चकबंदी में अनियमितताओं को लेकर भाकियू शंकर ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
Amroha News - भ्रष्टाचार के साथ चकबंदी में अनियमितताओं को लेकर भाकियू शंकर ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शनभ्रष्टाचार के साथ चकबंदी में अनियमितताओं को लेकर भाकियू शंक
भारतीय किसान यूनियन शंकर ने चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर किसानों को न्याय नहीं मिला, तो संगठन 7 जनवरी को कलेक्ट्रेट का घेराव कर आंदोलन करने को मजबूर होगी। जिसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से शासन व प्रशासन की होगी। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि जिले के गांव ढक्का में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। क्योंकि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान मुख्य मार्ग पर स्थित चकों को हटाकर दूर बना दिया गया है।
जिन चकों पर पहले से ट्यूबवेल लगे हुए थे, वहां किसी अन्य व्यक्ति का चक बना दिया गया। लेखपाल पर कुछ लोगों से मिलीभगत कर उनके चकों को चकबंदी से बाहर करने तथा बिना मौके पर आबादी या बाग होने के बावजूद उन्हें चक-18 करके आबादी दर्शाने का भी आरोप लगाया गया। जिला अध्यक्ष चौधरी नाम पाल सिंह ने कहा कि कई स्थानों पर मौके पर मौजूद मकान व आबादी को सामान्य भूमि दिखा दिया गया है। वहीं चकों में लगे आम, अमरूद व शीशम के पेड़ों को नक्शे में नहीं दर्शाया गया। कुछ किसानों के मुख्य चकों को हटाकर उन्हें उड़ान चक बना दिया गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। चकबंदी के दौरान भूमि की नाप में भी गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। किसानों का कहना है जिनकी भूमि मौके पर पूरी थी, नाप के समय उन्हें कम दिखाया गया है। इसके अलावा भूमि की सही मालियत का निर्धारण भी नहीं क्या है ग्राम ढक्का में लगभग 70 से 80 प्रतिशत किसान चकबंदी का विरोध कर रहे हैं और वर्तमान स्थिति में चकबंदी को निरस्त किया जाना न्यायहित में आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि राजस्व अभिलेखों को चकबंदी विभाग से हटाकर तहसील में भेजा जाए, ताकि किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण और नए केसीसी बनाए जा सकें। जिला संरक्षक चौधरी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शीतलहर चलने के बाद भी चीनी मिलों में रात को किसानों को अलाव और चाय की सुविधा नहीं हो रही है ऊपर से किसानों के साथ घटतौली की जा रही है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर किसानों को न्याय नहीं मिला, तो भारतीय किसान यूनियन (शंकर) 7 जनवरी को कलेक्ट्रेट का घेराव कर आंदोलन करने को मजबूर होगी। जिसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से शासन व प्रशासन की होगी। धरने की अध्यक्षता चौधरी विक्रम पवार ने की, संचालन सत्यवीर सिंह ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में नेपाल सिंह,अमित कुमार,सोमवीर सिंह, नरेश,मोजराम पाल, अख्तव, राकेश सिंह, चौधरी सतवीर सिंह, जितेंद्र सिंह, मोनू चौधरी, रविंदर सिंह, सत्येंद्र सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह चौहान, अशोक चौधरी, बबीता रानी, रमेश देवी आदि मौजूद रहे।

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