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अमरोहा

खुश, पर परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं विद्यार्थी

हिन्दुस्तान टीम,अमरोहाPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 06:20 PM
खुश, पर परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं विद्यार्थी

अमरोहा। निज संवाददाता

चेहरे खिले हैं ओर पास होने पर खुश भी हैं, लेकिन अमरोहा जिले में ऐसे विद्यार्थियों की भी गिनती कम नहीं हैं, जो अपने परीक्षा परिणाम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। योग्यता व प्रमोट करने के फार्मूले के अनुरुप उनके अंकों की प्रतिशतता कम ही हैं।

एएसएम बाल विद्या मंदिर खाता के छात्र प्रशांत कुमार पुत्र वीरेंद्र कुमार गुप्ता के यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 92.3 प्रतिशत अंक थे। ग्यारहवी में वह पहली पंक्ति के विद्यार्थियों में शामिल थे। कोरोना की वजह से बारहवी की परीक्षा नहीं हुई व नियमों के अनुरुप 31 जुलाई को परिणाम घोषित हुआ, जिसमें उन्हें 89.4 प्रतिशत अंक मिले। वह अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। कहते हैं कि नियमानुसार अधिक अंक प्राप्त होने चाहिए थे। यदि परीक्षा होती तो भी परिश्रम के बल पर 95 फीसदी तक अंक प्राप्त होते। इस तरह के परिणाम से मेहनती बच्चों को नुकसान हुआ है। एकेके इंटर कालेज के हाईस्कूल के विद्यार्थी शाहनवाज पुत्र नासिर अली का परिणाम ही असमंजस में फंस गया है। इन्हें नवीं से प्रमोट कर दसवी में प्रवेश मिला था। दसवी का बीते दिन परिणाम आया तो भौंचक्के रह गए। दरअसल हिंदी में 17 अंक मिले हैं व फेल दर्शाया गया है। बकौल छात्र, नवी से प्रमोट होकर हाईस्कूल में आया तो हाईस्कूल में प्रमोट करने में फेल कैसे हो सकता है। स्थिति साफ नहीं है। कोई पास कह रहा है तो कोई फेल। परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट बच्चों की फेहरिस्त जिले में लंबी है व सभी का एक सुर में कहना है कि प्रमोट करने के नियमों को पूरी तरह से ध्यान में नहीं रखा गया है, जिसकी वजह से पर्याप्त अंक नहीं मिले हैं। विद्यार्थियों का मानना है कि भविष्य में मेरिट के आधार पर चयन वाली परीक्षाओं में सीधे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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