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हसनपुर क्षेत्र में बाढ़ से दुश्वारी लेकिन जन-धन हानि नहीं

हसनपुर क्षेत्र में बाढ़ से दुश्वारी लेकिन जन-धन हानि नहीं

संक्षेप:

Amroha News - हसनपुर में गंगा का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन सिरसा गुर्जर के मढैया में बाढ़ के कारण 20 परिवार अस्थायी राहत शिविर में हैं। पशुओं के लिए चारे की कमी और खाने-पीने की वस्तुओं का संकट है। प्रशासन ने फसल...

Sep 10, 2025 04:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अमरोहा
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हसनपुर, संवाददाता। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। यह दीगर है कि तटबंध क्षेत्र से सटे गांवों के लोगों की समस्या अभी भी बरकरार है। हालांकि, इसे ईश्वर की कृपा ही कहेंगे कि तहसील क्षेत्र में बाढ़ से कोई जन या पशु हानि नहीं हुई है। सिरसा गुर्जर की मढैया के कई घरों में पानी भरा होने से पशु पानी में बंधे हुए हैं। उधर, प्रशासन को फसल क्षति सर्वे के लिए पानी उतरने का इंतजार है। तहसील क्षेत्र में करीब 20 दिन से बाढ़ का पानी गंगा तटबंध से सटा हुआ है। 30 से अधिक गांव के किसानों की तट बंध के भीतर खेतों की फसलें जलमग्न हैं।

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लगातार पानी भरा रहने से हरे चारे की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। गंगा के टापू पर बसे गांव सिरसा की मढैया में पिछले करीब पांच दिन से पानी भरा हुआ है। हालांकि, इसे ईश्वर की कृपा ही कहेंगे कि सिरसा गुर्जर की मढैया व गंगानगर समेत तहसील क्षेत्र के किसी भी गांव में बाढ़ से कोई जन या पशु हानि नहीं हुई है। कोई कच्चा या पक्का मकान भी नहीं गिरा है। लेकिन, खाद्य पदार्थों की समस्या यहां बनी है। प्रशासन ने बीते शनिवार को सिरसा की मढैया के 20 परिवारों को अस्थायी रूप से बने राहत शिविर में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था। पिछले चार दिन से यह लोग शिविर में रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें खाने-पीने की वस्तु एवं अन्य जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है। पशुओं के लिए भूसे का बंदोबस्त भी किया गया है। हालांकि, ग्रामीण राहत को नाकाफी बता रहे हैं। पांच दिन से बाढ़ के पानी में बंधे पशु, चारे का संकट हसनपुर। गंगा के टापू पर बसे गांव सिरसा की मढैया निवासी मंगलसेन ने बताया कि पिछले पांच-छह दिन से लगभग आधे गांव में पानी भरा हुआ है। पशु पानी में बंध रहे हैं। ऊंचाई पर स्थित गांव में लगभग 30 परिवार अभी भी गांव में रह रहे हैं। लेकिन, उनके सामने खाने-पीने की वस्तुओं का संकट है। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करना बड़ी समस्या बना हुआ है। मंगल सेन का कहना है कि बाढ़ की वजह से खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर, गंगानगर निवासी पंकज कुमार का कहना है कि गांव चारों तरफ से पानी से घिरा है। हालांकि, अभी गांव में पानी नहीं घुसा है लेकिन आने-जाने की दिक्कत हो रही है। पानी कम होते ही कराया जाएगा फसल क्षति का सर्वे हसनपुर। एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी ने बताया कि तहसील क्षेत्र में बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई फसलों का सर्वे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने की वजह से सर्वे नहीं हो सका है। बाढ़ प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। सिरसा गुर्जर के 20 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिविर में रखा गया है। इन्हें प्रतिदिन खाने-पीने की वस्तुएं व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं के लिए भूसे का बंदोबस्त भी किया जा रहा है। बाढ़ का पानी कम होते ही फसल का सर्वे कर दिया जाएगा। क्षेत्र में बाढ़ से कोई जन या पशु हानि नहीं है।