
त्रिवेणी शुगर मिल पर धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बंद कराई चेन, सीओ से झड़प
Amroha News - गन्ना किसानों ने त्रिवेणी शुगर मिल पर धरना दिया, जहां 1150 गन्ना वैरायटी को सामान्य में नहीं खरीदा जा रहा था। किसानों ने मिल की चेन बंद कर दी। मिल अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारी अधिकतर बाहरी थे। आंदोलन के बाद तीन दिन तक 1150 गन्ने की खरीद सामान्य में होगी।
रहरा, संवाददाता। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर पदाधिकारियों ने किसानों के साथ मिलकर बुधवार को चंदनपुर की त्रिवेणी शुगर मिल पर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने मिल की चेन भी बंद करा दी। इस दौरान सीओ पंकज कुमार त्यागी से खासी नोकझोंक व बहस हुई। हंगामे के बाद मुख्य मुद्दों पर सहमति बनने के बाद फौरी तौर पर आंदोलन खत्म किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.दिग्विजय सिंह भाटी के नेतृत्व में त्रिवेणी शुगर मिल पर पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि 1150 गन्ना वैरायटी को सामान्य में नहीं खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान फैक्ट्री के भीतर तक पहुंच गए और चेन बंद करा दी। यहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। ऐन मौके पर पहुंचे सीओ पंकज कुमार त्यागी से प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस व नोकझोंक हुई। इसके बाद गन्ना मिल कमेटी के पदाधिकारियों से वार्ता हुई। करीब दो घंटे तक चले आंदोलन के बाद तय हुआ कि आगामी तीन दिन तक 1150 प्रजाति गन्ना सामान्य में तौला जाएगा। इसके बाद जांच कर फैसला लिया जाएगा कि गन्ने को सामान्य में तौला जाएगा या रिजेक्ट में। पदाधिकारियों ने चेताया कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विजय सैनी, कुलदीप भारती, अरविंद कुमार, रिहान सैफी, इस्लाम अल्वी, धर्मेंद्र कुमार, वीर सिंह, मोनू भड़ाना, मनोज नागर, कलुआ भास्कर राणा, कमल राणा, कुलदीप कुमार, विपिन सागर, रोहित यादव, महेंद्र सिंह, अक्की कसाना, पवन गुर्जर आदि मौजूद रहे। किसानों के तेवर देखते हुए बुलाई तीन थानों की पुलिस रहरा। किसानों के तेवर देखते हुए रहरा, सैदनगली व आदमपुर थाने की पुलिस चीनी मिल पर बुला ली गई। धरना देने वाले किसानों का नेतृत्व कर रहे दिग्विजय भाटी का कहना है कि पुलिस ने किसानों को डराने-धमकाने का प्रयास किया है। लेकिन, किसानों ने साफ कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर झुकने वाले नहीं हैं। जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। मिल अफसर बोले, धरना देने वाले किसान बाहरी रहरा। चीनी मिल के अधिकारियों ने बुधवार शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा। कहा कि चीनी मिल पर बुधवार को धरना-प्रदर्शन करने वाले दिग्विजय भाटी व उनके साथ मौजूद लोग चीनी मिल क्षेत्र के कृषक नहीं हैं। धरना देने वालों में अधिकतर बाहरी किसान थे। चूंकि, प्रदर्शनकारियों ने मिल की चेन बंद करा दी थी इसलिए यह तय किया गया है कि चीनी मिल तीन दिन तक उक्त गन्ने की खरीद सामान्य प्रजाति जबकि तीन दिन रिजेक्ट के आधार पर करेगी। इसके पश्चात शोध संस्थान द्वारा जांच के निर्णय के आधार पर उक्त प्रजाति का गन्ना क्रय किया जाएगा। एक सप्ताह बाद चीनी मिल द्वारा प्रजाति के आधार पर पर्ची पर अगेती या सामान्य अंकित किया जाएगा।

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