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जिले के 84 गांवों में शुरू हुई डेंगू की रोकथाम की कवायद

अमरोहा, संवाददाता। बीते साल जिले में डेंगू ने जमकर कहर बरपाया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 84 गांवों में डेंगू की रोकथाम की कवायद तेजी से शुरू...

जिले के 84 गांवों में शुरू हुई डेंगू की रोकथाम की कवायद
हिन्दुस्तान टीम,अमरोहाSat, 25 May 2024 12:15 AM
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बीते साल जिले में डेंगू ने जमकर कहर बरपाया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 84 गांवों में डेंगू की रोकथाम की कवायद तेजी से शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा डेंगू पॉजीटिव केस वाले अमरोहा शहर, नाजरपुर कलां, सरकड़ा कमाल, डिडौली, बरखेड़ा राजपूत समेत ब्लाकवार 13 गांवों में भी मच्छरनाशक गतिविधियां चलाई जा रहीं हैं।
बीते तीन सालों में डेंगू ने जिले में शहर से लेकर गांवों तक जमकर कहर बरपाया है। बीते साल भी जिले में डेंगू के 100 से ज्यादा केस सामने आए थे। जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से दर्जनों लोगों को जान तक गंवानी पड़ी थी। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम की कवायद अभी से शुरू कर दी है। विभाग ने जिले के ऐसे 84 गांव चिन्हित किए हैं, जिनमें बीते साल मरीजों की जांच में एनएस-1 और डेंगू की एलाइजा जांच में बीमारी की पुष्टि हुई थी। सबसे ज्यादा डेंगू पॉजीटिव केस वाले अमरोहा शहर, नाजरपुर कलां, सरकड़ा कमाल, डिडौली, बरखेड़ा राजपूत व खादर क्षेत्र के हसनपुर, गजरौला एवं मंडी धनौरा समेत ब्लाकवार 13 गांवों में भी मच्छरनाशक गतिविधियां चलाई जा रहीं हैं। टीम बनाकर लोगों को मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर दवाओं के साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की जांच के इंतजाम भी दुरुस्त किए जा रहे हैं। मच्छरों को नष्ट करने के लिए विभाग ग्राम प्रधानों के सहयोग से अभियान को रफ्तार देने में जुटा है। पंफलेट बांटकर क्या करें, क्या न करें की जनजागरूकता लाई जा रही है।

ब्लाकवार उपलब्ध कराई फॉगिंग मशीनें

अमरोहा। सीएमओ डा.सत्यपाल सिंह के मुताबिक मच्छरों की रोकथाम के लिए सभी ब्लाकों पर एक-एक फॉगिंग मशीन व दो-दो स्प्रे मशीनों के साथ ही दस-दस लीटर टेमीफास उपलब्ध कराया गया है। मच्छरनाशक गतिविधियों के लिए विभाग के पास पर्याप्त संसाधन हैं। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की दवा और जांच के इंतजाम भी दुरुस्त किए गए हैं।

ये गतिविधियां चला रहा विभाग

-जल जमाव वाली जगहों को मिट्टी भरकर समतल करना।

-घास की छिलाई व झाड़ियों की कटाई।

-घरों की छतों, टायरों, गमलों में पानी जमा न होने देने को लेकर जागरूक करना।

-बुखार आने पर मलेरिया, डेंगू की जांच कराएं।

-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

-झोलाछाप से इलाज न कराएं।

-बुखार आने पर नजदीकी सीएचसी-पीएचसी में जांच कराकर इलाज कराएं।

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