श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया भगवान के वामन अवतार का प्रसंग
नगर के सरकारी अस्पताल के पास आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान के वामन अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा सुनने से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और अहंकार को छोड़कर परोपकार करने की प्रेरणा दी गई।

नगर के सरकारी अस्पताल के पास आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार रात भगवान के वामन अवतार प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य पंडित शिव शंकर भारद्वाज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अहंकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता है। यह धन, संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए。
कथा का अनुभव
कथा के बीच में वामन भगवान की आकर्षक झांकी दिखाई गई और सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान अतुल शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, अजय कुमार शर्मा, संजय कुमार शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, महेंद्र अग्रवाल, मनोज जोशी, सुमन शर्मा, प्रियांशी अग्रवाल, निर्मित अग्रवाल, मंजुला शर्मा, उषा शर्मा, सुर्मिला वर्मा, कांति शर्मा, सोनिया शर्मा आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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