Amroha News: रहमदिली और हक के रास्ते पर चलना सिखाती है रसूले खुदा की जिंदगी
Amroha News: मुस्लिम कमेटी अमरोहा द्वारा मोहल्ला कटकुई में ईद मिलादुन्नबी का 7वां जलसा-ए-सीरत-ए-पाक आयोजित किया गया। हाफिज मुकारिम अमरोहवी ने कुरआन की तिलावत की। मौलाना तौहीद रजा ने पैगंबर की जिंदगी और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला, जिसमें इंसानियत, दया, और समानता के मूल्य शामिल हैं। कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

Amroha News: मुस्लिम कमेटी अमरोहा के संयोजन में शहर के मोहल्ला कटकुई स्थित हिरन वालियान फाटक में ईद मिलादुन्नबी का 7वां जलसा-ए-सीरत-ए-पाक आयोजित किया गया। जिसका आगाज हाफिज मुकारिम अमरोहवी ने तिलावते कुरआन से किया। इसके बाद मौलाना साद अमरोहवी, हाफिज अनस मिर्जा, हाफिज मुकारिम, हस्सान सिद्दीकी और फहीम सलमानी आदि ने बारगाहे रिसालत में नातिया कलाम पेश किए। मुफ्ती मौलाना तौहीद रजा ने सीरत-ए-तैयबा पर तकरीर करते हुए कहा कि रसूले अकरम की जिंदगी शफकत, दयानतदारी, इंसाफ और आजिजी की बेहतरीन मिसाल है। उनकी तालीम इंसान को सदाकत, अदल, रहमदिली और रवादारी के रास्ते पर चलने का पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने महिलाओं को अधिकार दिए, जरूरतमंदों की मदद की और अपने सादिक व अमीन किरदार से पूरी इंसानियत के सामने इस्लाम की बेहतरीन तस्वीर पेश की।
इस दौरान हाजी मंसूर अहमद एडवोकेट, हाजी खुरशीद अनवर, सरताज आलम मंसूरी, हाजी अब्दुल कय्यूम राईनी, सैय्यद कमर नकवी, मोहम्मद कासिम खान, नवेद अयाज, इमरान खान सैफी एडवोकेट, इकबाल खान अमरोहवी, फिरोज खां, सरकार आलम, फहीम सिद्दीकी, यासिर अंसारी एडवोकेट, गुफरान खान सूरी, फैज आलम राईनी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता बिलाल खान ने की, आखिर में कन्वीनर हस्सान शेख ने सभी का शुक्रिया अदा किया।


