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9 जुलाई, 2020|11:01|IST

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अमरोहा के निकायों में उमड़ रही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की भीड़

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नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद शहरियों के बीच प्रमाण पत्र बनवाने की होड़ लगी है। आवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ ही दूसरे साक्ष्यों को जुटाने में आम लोग जुटे हैं। एकाएक बढ़ी आवेदकों की भीड़ के चलते कर्मचारियों-अधिकारियों के हाथ-पांव भी फूले हैं। काम के इस बोझ का निपटारा कैसे समय से किया जाए किसी की समझ नहीं आ रहा। बदले माहौल में हालात यह है कि उम्रदराज लोग भी अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालिका दफ्तरों में पहुंच रहे हैं। बीते सालों की बात करें तो रोजाना चार से पांच लोग ही पालिका कार्यालय में जन्म-मृत्यु व आवासीय प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए पहुंच रहे थे। सीएए के लागू होने के बाद यही संख्या बढ़कर 40 से 50 तक पहुंच गई। नासमझ लोगों की नासमझी का फायदा उठाने के लिए दलाल गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं, जो जल्द प्रमाण पत्र बनवाने का झांसा देकर आम लोगों से रुपये ऐंठ रहे हैं। सुबह से ही पालिका कार्यालय में लगने वाली कतार में शामिल अधिकांश लोगों को कानून की बाबत पूरी कोई जानकारी तक नहीं है। बावजूद इसके असमंजस के अजीबो गरीब माहौल में हर कोई व्यक्ति जल्द प्रमाण पत्र बनवाने की जुगत में लगा है। प्रमाण पत्र के लिए आवेदकों की कतार में अल्पसंख्यकों की भीड़ सबसे अधिक दिखाई दे रही है। ठीक इसी तरह मूल निवास प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए तहसील कार्यालय में भी आवेदक पहुंच रहे हैं। आधार और राशन कार्ड जैसे दूसरी सरकारी दस्तावेजों को भी लोग बनवा रहे हैं। गौरतलब है कि सीएए को लेकर बने भ्रांतियों के माहौल के बीच हर कोई अपने इन दस्तावेजों को हासिल करने की जुगत में लगा है।

इंसेट :

कोई नहीं है राह दिखाने वाला

अमरोहा। सीएए को लेकर बने भ्रांति के माहौल के बीच एक स्थान पर पूरी और सटीक जानकारी तक आम लोगों को नहीं मिल पा रही है। नगर पालिका, तहसील, विकास भवन या फिर कलक्ट्रेट किसी भी स्थान पर कोई हेल्प डेस्क स्थापित नहीं की जा सकी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कोई हेल्पलाइन नंबर भी जारी नहीं किया गया है, जिससे एक ही वक्त में आम लोगों की सभी शंकाओं को दूर किया जा सके। आम लोग इसको लेकर जिला प्रशासन स्तर पर जरूरी कार्रवाई करने को जरूरी मानते हैं। डीएम उमेश मिश्र के मुताबिक इस दिशा में विचार किया जा रहा है, जल्द ही निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

दोगुने वक्त में जारी होता है उम्रदराज व्यक्ति का जन्म प्रमाण पत्र

अमरोहा। पालिका नियमों के मुताबिक जन्म के बाद नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जहां 21 दिन की अवधि में जारी कर दिया जाता है तो वहीं उम्रदराज व्यक्ति के लिए यही समय सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है। साक्ष्य के तौर पर भी जहां नवताज शिशु के लिए सरकारी अस्पताल के प्रसव का प्रमाण पत्र देना जरूरी है तो वहीं उम्रदराज व्यक्ति के लिए यह प्रकिया भी जटिल है। उम्रदराज व्यक्ति को प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए जहां शपथ पत्र, सभासद का प्रमाण पत्र, दाई का प्रमाण पत्र व दो गवाहों की बयानी देना जरूरी है। इसके साथ ही इन सभी दस्तावेजों के तस्दीक की प्रकिया भी बेहद जटिल है। ऐसे में आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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  • Web Title:Crowd of making birth-death certificates in Amroha s bodies