
भारत का संविधान एकता का प्रतीक
Amroha News - अमरोहा में संविधान दिवस पर जेएस हिन्दू पीजी कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य ने छात्रों को भारत के लोकतंत्र और संविधान की विविधता में एकता के महत्व के बारे में बताया। विभिन्न विभागाध्यक्षों ने संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी और छात्रों ने संविधान से संबंधित प्रतियोगिता में भाग लिया।
अमरोहा। संविधान दिवस पर बुधवार को जेएस हिन्दू पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के संयोजन में विभागीय संगोष्ठी हुई। प्राचार्य प्रो. वीर वीरेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत का संविधान विविधता में एकता का प्रतीक है। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह ने संविधान में निहित इसके मूल्य, आदर्श और संवैधानिक विकास की विस्तृत जानकारी दी। आयोजन सचिव डॉ.रश्मि गुप्ता ने संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों और कर्तव्य के बारे में बताया। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.हरेंद्र सिंह ने बताया आज आवश्यकता है कि प्रत्येक नागरिक संविधान की प्रस्तावना और उसके आदर्श को समझे।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. मनन कौशल ने कहा कि अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य को समझना भी आवश्यक है। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.निखिल दास ने कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों में अनुच्छेद 21 के बारे में विस्तार से बताया है। सेमिनार में संविधान से संबंधित क्विज प्रतियोगिता हुई। संविधान के निर्माण, इसके स्रोत, विशेषताओं, संविधान में संशोधन की प्रक्रिया, संविधान में वर्णित लोकतांत्रिक प्रक्रिया आदि विषयों पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिए गए। संचालन अजलफा व फरहा ने किया। इस दौरान डॉ.हरेंद्र सिंह, डॉ. डॉ.जितेंद्र, डॉ. ज्ञानेश वर्मा, डॉ. आभा सिंह, डॉ. जितेंद्र, शिव मगन, डॉ. आभा सिंह, डॉ. मूसा आदि रहे।

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