केमिकल युक्त रंगों से करें परहेज, त्वचा संग श्वांस व नेत्र रोग का खतरा
Amroha News - -हर्बल रंगों संग फूलों की होली बचाव का बेहतरीन विकल्प -हर्बल रंगों संग फूलों की होली बचाव का बेहतरीन विकल्प -हर्बल रंगों संग फूलों की होली बचाव का बे

रंगों का त्योहार होली बुधवार को धूमधाम संग मनाया जाएगा। हर कोई रंगों से सरोबार रहेगा। वहीं, होली पर केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग घातक हो सकता हैं। त्वचा के झुलसने संग श्वांस व नेत्र संबंधी रोग हो सकते हैं। लिहाजा होली पर केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से बचते हुए हर्बल रंगों व फूलों के साथ होली की खुशियां मनाने की सलाह चिकित्सकों ने दी है। गौरतलब है कि होली पर लोग जिन रंगों का अधिकांशतः प्रयोग करते है, वह ऐसे रसायनों से तैयार किए जाते है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। ऐसे रंगों से त्वचा रोग का सर्वाधिक खतरा रहता हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि रसायनों से युक्त रंग लगने के कुछ ही देर बाद त्वचा में तेज जलन, खुजली और दानों या फफोलों का निकलना शुरू हो जाता है। इन रंगों में कुछ ऐसे भी रसायन मिले होते है जिनके प्रयोग से त्वचा के झुलसने का खतरा होता है। अगर ये रंग आंखों में चले जाए तो इनसे आंखों को भी क्षति पहुंच सकती है। कई बार सांस के जरिए ये रंग फेफड़ों में भी जमा हो जाते है जिसके कारण वहां भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए सभी को केमिकल युक्त रंगों से होली खेलने से बचना चाहिए। शहर सीएचसी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ.मोहम्मद इदरीश के मुताबिक हर्बल रंगों के साथ ही टेंसू या फिर अन्य फूलों को भिगो कर होली खेलना बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही चंदन, रोली का प्रयोग भी होली खेलने में किया जा सकता है।
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