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अमरोहाकोरोना काल में युवाओं का करियर और सपने भी हुए लॉक

हिन्दुस्तान टीम,अमरोहाPublished By: Newswrap
Sun, 16 May 2021 04:40 PM
कोरोना ने देश के भविष्य यानी युवाओं के करियर और उनके सपनों को भी लॉक कर दिया है। युवाओं का सपना पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करना होता है लेकिन...
1 / 2कोरोना ने देश के भविष्य यानी युवाओं के करियर और उनके सपनों को भी लॉक कर दिया है। युवाओं का सपना पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करना होता है लेकिन...
कोरोना ने देश के भविष्य यानी युवाओं के करियर और उनके सपनों को भी लॉक कर दिया है। युवाओं का सपना पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करना होता है लेकिन...
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गजरौला। संवाददाता

कोरोना ने देश के भविष्य यानी युवाओं के करियर और उनके सपनों को भी लॉक कर दिया है। युवाओं का सपना पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करना होता है लेकिन कोरोना की मार ने युवाओं के भविष्य को भी प्रभावित कर दिया है। करियर को लेकर युवा परेशान हैं।

कोरोना काल में युवा वर्ग दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाव की चिंता सता रही है तो वहीं दूसरी तरफ करियर को लेकर भी मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे युवा जो उच्च शिक्षा के लिए कोटा, दिल्ली आदि शहरों में कोचिंग कर रहे थे उनके कदमों को भी कोरोना की दूसरी लहर ने रोक दिया। एक अनुमान के मुताबिक शहर के 2500 से ज्यादा छात्र-छात्रा दूर बड़े शहरों में पढ़ाई करते थे। बीता साल पूरा कोरोना ने ही निगल लिया। ऐसे में घरों में बैठे इन विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को करियर की चिंता सताने लगी। हालात में सुधार होने पर अधिकांश छात्र-छात्राओं ने फरवरी में एक बार फिर से महानगरों की ओर रख किया। एक से डेढ़ लाख रुपये की फीस जमा कर क्लास जाना शुरू ही किया था लेकिन एकाएक उठी कोरोना की दूसरी लहर ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया। कोटा, दिल्ली आदि शहरों में हास्टल खाली कराए जाने लगे। हालात देख छात्र-छात्रा एक बार फिर से अपने घरों को लौट आए। फीस पहले ही जमा हो जाने के चलते अभिभावकों को भी आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही बच्चों के भविष्य की चिंता भी सता रही है।

ऑनलाइन पढ़ाई कभी क्लास का विकल्प नहीं बन सकती है। क्लास में ही अच्छी पढ़ाई होती है। एसएससी की तैयार कर रहा था, बीच में ही छूट गई है। कोरोना के कारण परीक्षा भी नहीं हो पा रही है। भविष्य की चिंता सता रही है।

अमरनाथ गोयल, छात्र

कोरोना की वजह से नौकरियों के कई अवसर निकल गए हैं। एमएससी के साथ कोचिंग कर तैयारी कर रहा था लेकिन अब वह भी बंद है। घर पर पढ़ाई नहीं हो पा रही है। सब कुछ भूलते जा रहे हैं। ऐसे में किसी कंपटीशन को निकाल पाना भी मुश्किल होगा।

शिवम सैनी, छात्र

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