लगातार बारिश के बीच राप्ती-रोहिन के पानी पर प्रशासन की नजर, बाढ़ को लेकर अलर्ट
राप्ती और रोहिन नदी के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। गेज स्थलों से हर दिन जलस्तर की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। बाढ़ कंट्रोल रूम के अनुसार अभी गोरखपुर जिले में नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। संवेदनशील इलाकों और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

राजीव दत्त पांडेय
गोरखपुर में रिकॉर्ड 110.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। लगातार बारिश के बीच गोरखपुर की प्रमुख नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है और इसे लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। राप्ती, रोहिन और अन्य नदियों की स्थिति पर सिंचाई विभाग की पैनी नजर है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से गेज स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है, हालांकि फिलहाल जिले में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले से जुड़ी प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार बदलाव दर्ज किया जा रहा है। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार राप्ती और रोहिन नदी के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग की ओर से गेज स्थलों से हर दिन जलस्तर की जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार अभी गोरखपुर जिले में नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि बारिश जारी रहने पर जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर, सहजनवा, खोराबार समेत नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी गई हैं।
विरोध के बाद प्राधिकरण ने हटवाई जाली
उधर, गोरखपुर के पैड़लेगंज नाले पर लगी जाली हटाने को लेकर पार्षदों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण को बैंकफुट पर आना पड़ा। जाली हटते ही कई वार्डों में जमा पानी तेजी से निकलने लगा और लोगों को जलभराव से राहत मिली। प्राधिकरण ने यह जाली रामगढ़झील में जाने वाले प्लास्टिक और अन्य गंदगी को जाने से रोकने के लिए लगाई थी। लेकिन 24 घंटे में हुई 110 मिमी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बेतियाहाता दक्षिणी विश्वजीत त्रिपाठी और बिलंदपुर से मनोनीत पार्षद रितेश बबलू मौके पर पहुंचे। उन्होंने महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव से कड़ा एतराज जताया। कहा कि इस नाले से बेतियाहाता, रुस्तमपुर, बिलंदपुर, दाउदपुर, कालीपुर, रायगंज, तुर्कमानपुर और माया बाजार समेत करीब 10 वार्डों की जल निकासी होती है। पहले बारिश का पानी करीब आधे घंटे में निकल जाता था, लेकिन नाले पर जाली लगाए जाने के बाद पिछले तीन-चार वर्षों से जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई थी।
मौके पर मौजूद पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी और रितेश बबलू ने कहा कि यदि जल निकासी की व्यवस्था जल्द दुरुस्त नहीं की गई तो जीडीए का घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जाली के आगे नाले का स्तर करीब चार फीट नीचे होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। विरोध के बाद जीडीए वीसी अभिनव गोपाल और नगर निगम अधिकारियों ने जाली हटाने का निर्णय लिया। जाली हटते ही नाले में पानी का प्रवाह तेज हो गया। आसपास के इलाकों में जमा पानी निकलने लगा। स्थानीय लोगों ने इसे जलभराव की समस्या से तत्काल राहत बताया।


