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यूपी के इस नगर पंचायत के चेयरमैन पद का चुनाव निरस्त, कोर्ट के फैसले के बाद क्षेत्र में खलबली

यूपी के इस नगर पंचायत के चेयरमैन पद का चुनाव निरस्त, कोर्ट के फैसले के बाद क्षेत्र में खलबली

संक्षेप:

यूपी के अंबेडकरनगर के किछौछा नगर पंचायत के चेयरमैन पद का चुनाव निरस्त कर दिया गया है। चेयरमैन पद के चुनाव को निरस्त करने पर किछौछा नगर पंचायत क्षेत्र में खलबली मच गई है।

Nov 18, 2025 02:28 pm ISTDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी के अंबेडकरनगर जनपद न्यायालय के अपर जिला जज प्रथम (फास्ट ट्रैक) परविंदर कुमार ने किछौछा नगर पंचायत के चेयरमैन ओमकार गुप्त के अध्यक्ष पद के निर्वाचन को निरस्त कर दिया है। अदालत ने यह फैसला चेयरमैन पद के निर्वाचन में चौथे स्थान पर रहे निर्दल प्रत्याशी गुरु प्रसाद की चुनाव याचिका पर दी है। चेयरमैन पद के चुनाव को निरस्त करने पर किछौछा नगर पंचायत क्षेत्र में खलबली मच गई है।

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वर्ष 2023 में पूरे उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव संपन्न हुए थे। किछौछा दरगाह निवासी ओंकार गुप्त भाजपा के टिकट पर प्रथम स्थान पाकर अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने में सफल हुए थे। जबकि बसखारी के मलिकपुर मकदूमनगर निवासी निर्दल उम्मीदवार गुरु प्रसाद 1490 वोट पा कर चौथे स्थान पर रहे थे। निर्दल प्रत्याशी गुरु प्रसाद ने 18 जुलाई 2023 को अपर जिला जज प्रथम (एफटीसी) की अदालत में चुनाव याचिका दाखिल की थी।

याचिकाकर्ता गुरु प्रसाद ने याचिका में यह तर्क दिया था कि विजेता उम्मीदवार भाजपा प्रत्याशी ओंकार गुप्त के ऊपर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद नामांकन में तथ्यों को छिपाया गया है। अदालत में पिछले दो वर्ष चार माह से यह मामला लंबित चल रहा था। राज्य निर्वाचन आयोग (निकाय) के शपथ पत्र के प्रारूप संख्या 7 पर कालम संख्या 2 में आवेदक से यह पूछा गया कि क्या वह पूर्व में किसी अपराध में किसी न्यायालय द्वारा दोषमुक्त या उन्मोचित हुआ है या जिसकी अपील आदि लंबित हो, यदि हो तो उसका विवरण उपलब्ध कराएं, परंतु ओंकार गुप्ता ने स्पष्ट रूप से उक्त कालम के आगे क्रॉस का चिन्ह लगाते हुए उक्त प्रारूप में अपने विरुद्ध अभियोग या किसी न्यायालय से दोषमुक्त व उन्मोचित होने के कथन को छिपाया है।

न्यायालय में गुरु प्रसाद इस तथ्य को साबित करने में सफल रहा है कि विपक्षी चेयरमैन ओंकार गुप्त ने तथ्यों को छिपा कर शपथ पत्र राज्य निर्वाचन आयोग (निकाय) के समक्ष दाखिल करते हुए अपना नामांकन किया है, जो विधि विरुद्ध है। इसके उपरांत 15 नवंबर को अपर जिला जज प्रथम (फास्ट ट्रैक) परविंदर कुमार ने नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के अध्यक्ष पद का चुनाव रद्द कर दिया है। प्रस्तुत चुनाव याचिका के पत्रावली नियमानुसार अभिलेखागार दाखिल दफ्तर करने के लिए कोर्ट ने निर्देश जारी किया है।

निष्कासित चेयरमैन ओंकार गुप्त का विवादों से रहा है चोली दामन का साथ

अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक) की तरफ से किछौछा नगर पंचायत के चेयरमैन पद का चुनाव रद्द करने से ओंकार गुप्ता अर्श से फर्श पर आ गिरे हैं। भाजपा के टिकट से अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद से विवादों से ओंकार गुप्ता का चोली और दामन का साथ भी रहा है। बड़े-बड़े विकास के वादे करके सत्ता में आए ओमकार गुप्ता कार्यभार संभालते ही सिर्फ विवादों को ही जन्म देते हुए चले आ रहे हैं। 28 दिसंबर 2023 को किछौछा नगर पंचायत की बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक में चेयरमैन ओमकार गुप्त ने दलित सभासद विनोद कुमार को मेज पर लिटा कर निर्मातापूर्वक पिटाई की थी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। काफी बवाल मचने पर 31 दिसंबर 2023 को चेयरमैन के खिलाफ बसखारी थाने में पीड़ित सभासद विनोद कुमार की तहरीर पर एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

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सभासद विनोद कुमार से छत्तीस का आंकड़ा

सभासद विनोद कुमार से चेयरमैन ओंकार गुप्त से छत्तीस का आंकड़ा भी चल रहा है। विनोद कुमार भ्रष्टाचार के मामले में हाईकोर्ट लखनऊ भी गए। शिकायतों की जांच के क्रम में ओंकार गुप्ता का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार भी जिला प्रशासन ने सीज कर दिया था। यह मामला भी अभी हाईकोर्ट में लंबित है। इतना ही नहीं सभासद विनोद कुमार ने आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाते हुए आयकर विभाग से ओंकार गुप्ता व उनके मेली मददगारों के खिलाफ जांच कराकर विधिक कार्रवाई की मांग भी की है। यह मामला भी अभी लंबित है।

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ईओ बंधक बनाने पर हुआ था बवाल

अपनी मांगों को जबरन मनाने के लिए वर्तमान ईओ संजय जैसवार को नगर पंचायत कार्यालय में बंधक बनाने के प्रकरण से ओंकार गुप्ता जिला प्रशासन के रडार पर आ गए, जिसकी खूब किरकिरी भी हुई। तत्कालीन बसखारी एसओ जय प्रकाश के तबादले के लिए दो सौ सफाईकर्मियों को लेकर थाने में धरने पर बैठने के प्रकरण से भी ओंकार गुप्ता का नाम विवादों में धीरे-धीरे और बढ़ता चला गया। नगर पंचायत कार्यालय में सफाईकर्मियों को साथ लेकर कई दिनों तक तालाबंदी हड़ताल करने से तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह भी खासे नाराज दिखे थे।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey
दीप नरायन पांडेय, डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में हैं। राजनीति के साथ क्राइम और अन्य बीटों पर काम करने का अनुभव। और पढ़ें
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