Ambedkar Nagar News: ट्रक ने युवक को रौंदा, मौके पर मौत, परिजनों में मचा कोहराम
Ambedkar Nagar News: जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय शुभम दूबे की मौत हो गई। उनके चचेरे भाई रानू दूबे गंभीर रूप से घायल हैं। रक्षाबंधन से 22 दिन पहले यह घटना परिवार के लिए अत्यंत दुखदाई है।
Ambedkar Nagar News: जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर, संवाददाता। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव निवासी एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल युवक का अयोध्या के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हादसे का विवरण
थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव निवासी शुभम दूबे पुत्र स्वर्गीय अजीत दूबे उम्र लगभग 25 साल बुधवार को अपने चचेरे भाई रानू दूबे पुत्र स्वर्गीय प्रमोद दूबे के साथ बाइक से गोरखपुर गए थे। देर रात करीब साढ़े दस बजे दोनों घर लौट रहे थे। बेलघाट थाना क्षेत्र में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किमी संख्या-39 पर पीछे से आ रही एक अज्ञात कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
हादसे के परिणाम
टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े। बताया जा रहा है कि शुभम सड़क पर गिरते ही पीछे से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गए। ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रानू उछलकर डिवाइडर से टकरा गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद की स्थिति
सूचना मिलते ही बेलघाट पुलिस मौके पर पहुंची और शुभम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल रानू को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी बेलघाट भेजा गया। सूचना मिलने पर परिजन सभासद शशिकांत दूबे के साथ गोरखपुर पहुंचे उन्हें बेहतर इलाज के लिए अयोध्या के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही माधवपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को गोरखपुर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। युवक की असामयिक मौत से परिवार और गांव में मातम का माहौल है।
परिवार का दु:ख
रक्षाबंधन से 22 दिन पहले उजड़ गया बहनों का संसार। क्षेत्र के माधवपुर गांव में ऐसा ही हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जहां तीन बहनों के इकलौते भाई की रक्षाबंधन से महज 22 दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। इससे भी अधिक दर्दनाक यह है कि परिवार ने अभी दो माह पहले ही पिता को खोया था। अब इकलौते बेटे के चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बुधवार रात शुभम दूबे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। मां सरिता दूबे बेसुध हो गईं, जबकि बहनें दीप्ती, मोहिनी और छाया अपने इकलौते भाई को याद कर फूट-फूटकर रोती रहीं। परिवार की दो बेटियों की शादी हो चुकी है, लेकिन भाई के असमय चले जाने का दर्द उनके आंसुओं में साफ दिखाई दे रहा था।
शुभम के पिता अजीत दूबे का निधन लगभग दो माह पहले ही हुआ था। पिता की मौत का गम अभी परिवार भूल भी नहीं पाया था कि इकलौते बेटे की मौत ने पूरे घर की खुशियां छीन लीं। घर के आंगन में पसरा सन्नाटा और बहनों का करुण क्रंदन वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर रहा था।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है, लेकिन इस घर में अब त्योहार की कोई तैयारी नहीं, बल्कि मातम पसरा है। भाई को याद कर बिलखती बहनें बार-बार एक ही सवाल कर रही थीं—"अब हम किसकी कलाई पर राखी बांधेंगे?"
माधवपुर गांव में शोक की लहर है। पिता के निधन के महज दो माह बाद इकलौते पुत्र को खो देने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। हर किसी की जुबान पर यही बात है कि ईश्वर किसी परिवार की इतनी कठिन परीक्षा न ले।


