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अंबेडकर नगर

मेंथा किसानों को इस बार मानसून ने दिया झटका

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Sat, 19 Jun 2021 03:02 AM

मेंथा किसानों को इस बार मानसून ने दिया झटका

अम्बेडकरनगर। कम समय में अधिक आय के लिए मेंथा की खेती चुनने वाले किसानों को इस बार मानसून ने झटका दे दिया है। खेत में पानी भर जाने से तैयार फसल खराब हो रही है। नुकसान से बचने के लिए किसान किसी तरह पेराई कर तेल निकालने में जुटे हुए हैं।

टांडा तहसील क्षेत्र के केदारनगर व आसपास लगभग सभी गांव में मेंथा की खेती की जाती है। मसूर, सरसों व गेहूं की फसल काटने के बाद किसान मेंथा की खेती शुरू करते हैं। तेज धूप में लगभग हर सप्ताह इसकी सिंचाई करनी पड़ती है। इसमें लागत भी काफी अधिक आती है। जून माह में फसल तैयार होने के बाद कटाई कर तेल निकाल लिया जाता है। इसके बाद इन्हीं खेतों में किसान धान की रोपाई कर देते हैं। इस प्रकार दो से तीन माह खेत खाली रखने के बजाय किसान आमदनी का नया रास्ता निकाल लेते हैं। इस बार भी अधिकांश खेतों में मेंथा तैयार थी। किसान फसल कटाई का मन बना रहे थे। इसी बीच मानसून ने दस्तक दे दी। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। किसान राम कुमार, राजेश कुमार, रामचन्द्र वर्मा व विद्यासागर कहते हैं कि खेत में कई दिनों तक जलभराव रहा तो मेंथा की तैयार फसल सड़ कर नष्ट हो जाएगी। बारिश के दौरान पत्तियों में तेल की मात्रा घट जाती है। ऐसे में कटाई करना भी नुकसानदायक होता है। अभी उम्मीद है कि मौसम साफ हो जाए, एक सप्ताह तेज धूप खिली तो नुकसान से बच जाएंगे। लगातार बारिश होती रही तो फसल का बर्बाद होना तय है।

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