
बोले अम्बेडकरनगर:नेटवर्क में हो सुधार, ठीक से हो प्रचार तो मिले तेजी से लाभ
Ambedkar-nagar News - सोलर पैनल लगवाने में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खराब नेटवर्क के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होती है। इससे समय और पैसे की बर्बादी होती है। सरकारी मदद और जानकारी की कमी के चलते लोग सोलर पैनल की योजना का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
सोलर पैनल लगवाने में आने वाली समस्याओं को लगभग पांच माह पूर्व बोले अम्बेडकरनगर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसमें आम लोगों की समस्याओं को उजागर करते हुए जिम्मेदारों से भी समस्या दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने के बारे में जानकारी हासिल की गई थी। हालांकि समय बीतने के साथ ही समस्याएं जस की तस ही बनी हुई हैं। सोलर पैनल के लिए आवेदन करने में सबसे बड़ी समस्या खराब नेटवर्क है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या सबसे अधिक है। खराब नेटवर्क के चलते लोगों को आवेदन करने में कई प्रकार की दिक्कत होती है। पेश है बोले हिन्दुन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अम्बेडकरनगर।
सोलर पैनल लगवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की साइट पर आवेदन करने में सबसे अधिक बाधा खराब नेटवर्क है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक होती है। अक्सर ऐसा होता है कि आवेदन करने के दौरान नेटवर्क चला जाता है। इससे आधा अधूरा ही आवेदन हो पाता है। हालांकि, इसके बाद भी जिले में आठ हजार से अधिक लोग सोलर पैनल लगवा चुके हैं। बिजली बिल के रूप में मोटी रकम देने से बचने व सुचारु रूप से बिजली का लाभ उठाने के लिए लोग अब तेजी से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ लेने में रुचि दिखा रहे हैं। घरों व प्रतिष्ठानों पर सोलर पैनल लगवाने के बीच सबसे अधिक समस्या खराब नेटवर्क बन रहा है। दरअसल योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। शहरी क्षेत्रों में तो फिर भी नेटवर्क समस्या ज्यादा नहीं होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह एक बड़ी समस्या रहती है। ऐसे में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शहरी क्षेत्र तक की दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी के साथ साथ आर्थिक चपत भी लगती है। सामाजिक कार्यकर्ता अनंतराम वर्मा कहते हैं कि योजना का सुचारु रूप से लोगों को लाभ दिलाने के लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए। न सिर्फ इसका बेहतर तरीके से प्रचार प्रसार किया जाए बल्कि नेटवर्क समस्या को भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। जिम्मेदारों की लापरवाही, लोगों पर पड़ रही भारी: सोलर पैनल लगाने के लिए मदद करने में पावर कारपोरेशन की मुख्य भूमिका होती है। आरोप है कि अधिकारी व कर्मचारी से उपभोक्ताओं को ज्यादा सहयोग नहीं मिल पाता है। इससे लोगों को सोलर पैनल लगवाने के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। सोलर पैनल आज के दौर में लोगों के लिए बड़ा सहारा बन चुका है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बिजली की आपूर्ति बेहतर ढंग से नहीं हो पाती है। ऐसे में लोगों के कई कार्य बाधित होते हैं। इन्हीं सब को देखते हुए लोग सौलर पैनल लगवाने में तेजी दिखा रहे हैं। हालांकि कई बार विभागीय जिम्मेदारों का सहयोग न मिलने से लोगों को खासी परेशानी होती है। लोगों का आरोप है कि सोलर पैनल के लिए सरकार की तरफ से अनुदान तो मिलता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया क्या है, इसके बारे में जानकारी न होने से लोगों को दिक्कत होती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इसके लिए अधिक दिक्कत हो रही है। उन्हें बार बार जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। किछौछा के समीर व भीटी के रवींद्र कहते हैं कि वे सोलर पैनल हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गया है। ऐसे में जिम्मेदारों को चाहिए कि न सिर्फ योजना की पूर्ण जानकारी दें वरन लोगों का सहयोग भी करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल साबित हो रहा लाभकारी:शहरी क्षेत्रों के साथ साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की पहली पसंद सोलर पैनल लगवाना है। बदतर बिजली आपूर्ति व महंगी होती बिजली से बचने के लिए ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सोलर पैनल लगवा रहे हैं। हालांकि समुचित जानकारी इस संबंध में न मिलने से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सोलर पैनल लगवाने के लिए ग्रामीणों को कई प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कारण यह कि इसकी समुचित जानकारी ही उन्हें नहीं मिल पाती है। इसके लिए उन्हें बार बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है। हालांकि, अब सरकारी के साथ कई निजी कंपनियां भी सोलर पैनल लगवा रही हैं, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों को योजना का बेहतर तरीके से लाभ नहीं मिल पा रहा है। कितने किलोवाट पर कितनी सब्सिडी मिलेगी और इससे क्या क्या लाभ होंगे, इस संबंध में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे कई प्रकार की आशंका भी उनमें बनी रहती है। शुकुलबाजार के राजू व बसखारी के राममिलन का कहना है कि जिम्मेदारों को चाहिए कि कैंप लगाकर सोलर पैनल लगवाने से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दें। ऐसा होने से अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे। सोलर पंप व चक्की लगवाने के लिए तेजी दिखा रहे लोग:सोलर पंप किसानों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। किसान अब बिजली से चलने वाले पंप के इतर सोलर पंप लगवा रहे हैं। इससे कम समय में ही खेत की सिंचाई आसानी से हो रही है तो वहीं सोलर चक्की लगाकर कुछ लोग अपने घर व परिवार का खर्च चला रहे हैं। अधिक बिजली बिल देने से बचने के लिए किसान व छोटे कारोबारी अब तेजी से सोलर पैनल लगवाने पर ध्यान दे रहे हैं। ट्यूबवेल व डीजल पंप से खेत की सिंचाई करने में आने वाले अधिक खर्च से बचने के लिए अब किसान सोलर पंप लगवा रहे हैं। इससे एक तरफ जहां आसानी से खेत की सिंचाई कर रहे हैं, तो वहीं अधिक बिजली बिल देने से भी उन्हें राहत मिल रही है। सोलर पंप की सफलता देखकर अब अन्य किसान भी इसे लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। जहांगीरगंज के रामानंद कहते हैं कि वे डीजल पंप से खेत की सिंचाई करते थे। डीजल के बढ़ते दाम से सिंचाई में अधिक खर्च आ रहा था। जब से सोलर पंप लगवाया है, तब से खेत की सिंचाई आसानी से कर रहे हैं। कटरिया के गंगाराम कहते हैं कि उन्होंने सोलर चक्की लगवाई है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। अन्य लोगों को भी चाहिए कि वे इस प्रकार की चक्की व पंप लगवाएं। बोले लोग-: महंगी बिजली व खपत बढ़ने से बिल ज्यादा आता है। ऐसे में सोलर पैनल लोगों के लिए बेहतर विकल्प बन चुका है। शहरी क्षेत्रों में तो लोग तेजी से सोलर पैनल को अपना रहे हैं। इससे उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सोलर पैनल की मांग बढ़ रही है। महेश चन्द्र सोलर पैनल का उपयोग अब सिर्फ घर की बिजली तक ही सीमित नहीं रह गया है। बल्कि इससे अब लोग चक्की चलाने के साथ ही अन्य कार्य कर रहे हैं। न बिजली बिल का झंझट और न ही कोई अन्य समस्या। हालांकि, इसे लगवाने में शुरुआती दौर में खर्च लगता है। ओमप्रकाश सोलर पैनल के लिए सरकार की तरफ से अनुदान मिलता है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। न ही ढंग से प्रचार प्रसार ही योजना का किया जाता है। ऐसे में ज्यादातर लोग ऐसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। प्रचार प्रसार पर ध्यान देने की जरूरत है। अजय कुमार निजी खर्चे पर सोलर पैनल लगवा पाना हर व्यक्ति के वश की बात नहीं है। हालांकि तमाम लोग निजी खर्चे पर ही सोलर पैनल लगवा रहे हैं, लेकिन उनकी आमदनी ठीक है। आम लोगों को सोलर पैनल लगवाने के लिए सरकार की योजना का ही सहारा है। लेकिन जिम्मेदारों से सहयोग नहीं मिलता है। सबई किसानों के लिए सोलर पैनल का महत्त्व बढ़ गया है। कारण यह कि वे सोलर पंप लगवाकर खेतों की सिंचाई आसानी से कर सकते हैं। तमाम किसानों ने सोलर पंप लगवाया भी है। इससे डीजल का खर्च तो बचता ही है, साथ में किराए के पंप से खेतों की सिंचाई से भी निजात मिला है। पवन कुमार ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल लगवाने के लिए लोग उत्सुक तो रहते हैं। लेकिन कई लोगों को इसकी प्रक्रिया क्या है, इसकी जानकारी नहीं होती है। जब लोग बिजली विभाग में जाकर जानकारी करते हैं तो ही सब कुछ समझ आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए कैंप लगाकर जानकारी दी जानी चाहिए। रामकेवल सोलर पैनल लगने से महिलाओं को काफी सहारा मिला है। पहले बिजली के सहारे कई कार्य नहीं हो पाते थे। ऐसे में महिलाओं को परेशान होना पड़ता था। लेकिन सोलर पैनल लगने से घर के कई कार्य समय से हो जाते हैं। बिजली बिल भी नहीं जमा करना पड़ता है। धनपत्ती बोले जिम्मेदार: इस बारे में अकबरपुर के अधिशासी अभियंता आशीष यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर याजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को योजना का पूरा लाभ मिलता है। प्रचार प्रसार भी काफी कराया जाता है, जिससे हर व्यक्ति को इसकी जानकारी हो सके। आवेदकों की भी जो समस्याएं होती हैं, उसे दिखवाया जाता है। उसका समय पर निस्तारण कराया जाता है।

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