
आत्मा से परमात्मा के मिलन का नाम है रासलीला: शांतनु
Ambedkar-nagar News - अम्बेडकरनगर के अकबरपुर ब्लाक के मीरपुर शेखपुर में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के छठे दिन आचार्य शांतनु महाराज ने रासलीला के महत्व को बताया। उन्होंने इसे आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक बताया और गोपियों को केवल स्त्री नहीं, बल्कि परमात्मा का रूप बताया। कथा में विभिन्न अतिथि भी उपस्थित रहे।
अम्बेडकरनगर, संवाददाता। अकबरपुर ब्लाक के मीरपुर शेखपुर में डॉ शिव सहाय सदन में श्रीमद भागवत कथा जारी है। कथा के छठवें दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने रासलीला का असल महत्व बताया। इसके पूर्व आयोजक डॉ उदय प्रताप सिंह और डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कथाव्यास समेत अतिथियों का स्वागत किया। कथा में आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला के बाबत बताया कि रासलीला आत्मा और परमात्मा के मिलन का नाम है। कहा कि रासलीला स्त्री और पुरुष का सामान्य मिलन नहीं है, वरन सम्पूर्ण समर्पण के भाव का नाम है। कहा कि रासलीला में गोपियां मात्र स्त्री नहीं हैं।
गोपियां शरीर में मात्र परमात्मा भाव बचा है, ऐसे सभी शरीर गोपी जाती हैं। राधा के बारे में बताते हुए आचार्य ने कहा कि किशोरी को भगवान कृष्ण के अलावा जो सबसे ज्यादा जान पाया है उन महात्माओं में आचार्य शुकदेव महाराज प्रथम हैं। मात्र राधा नाम सुनकर ही उन्हें समाधि लग जाती थी। जो कई दिन तक नहीं टूटती थी। इससे वेद व्यास परिचित थे। अक्रूर के वृन्दावन आगमन एवं कृष्ण और बलराम मथुरा ले जाने के प्रसंग पर आचार्य ने भावपूर्ण वातावरण तैयार किया। श्रोताओं के साथ स्वयं भी रोने लगे। छठे दिन सोमवार को श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी की कथा विवाह पर समाप्त हुई। कथा में प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ मिथिलेश त्रिपाठी, विभाग कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयं सेवक रमा शंकर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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