Ambedkar Nagar News: ताजपुर और बलरामपुर गांव को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, पक्की सड़क का इंतजार
Ambedkar Nagar News: सद्दरपुर, संवाददाता। टांडा विकासखंड के बलरामपुर और ताजपुर की सड़क की स्थिति खराब है। ग्राम पंचायतों के कमजोर बजट के कारण प्रधान कुछ नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी योजनाएं भी काम नहीं आई हैं। यहां के लोग स्थायी सड़क की कमी से परेशान हैं, जबकि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

Ambedkar Nagar News: सद्दरपुर, संवाददाता। टांडा विकासखंड क्षेत्र के बलरामपुर व ताजपुर को जोड़ने वाली सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। ग्राम पंचायतों के छोटे बजट के कारण प्रधान मजबूर हैं, लेकिन विधायक निधि, सांसद निधि व जिला पंचायत का बजट भारी भरकम होने के बाद भी जनप्रतिनिधि आंखे मूंदे हुए हैं।
सड़क की स्थिति
ग्राम प्रधान ने मांगपत्र भी दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी सरकारी योजनाएं अपनी 25वीं जयंती मना चुकी हैं। सांसद और विधायक कोटे के फंड आए और चले भी गए। इस सबके बाद भी विकास खण्ड टांडा के कल्याणपुर, सेमरिया और यादवपुर गांव के लोग अपने घर तक एक पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान पथ ईटों का ऊबड़ खाबड़ एवं उजड़ा हुआ है, जिसका इस्तेमाल घरेलू एवं कृषि वाहन प्रतिदिन करते हैं। यहां की जनसंख्या लगभग 1000 से अधिक है, साथ ही 719 वोटर हैं, लेकिन इन सबको अपने घरों से निकलते हुए बैंक, प्राथमिक विद्यालय, डाकघर, पुलिस थाना, बाजार जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है।
स्थानिक मुद्दे
इस गांव से चार लोग सेना में सेवा दे चुके हैं, साथ ही 15 सरकारी अध्यापक हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए हैं। जनपद बनने के तीस साल बीत जाने के बाद भी उक्त क्षेत्र में ढांचागत विकास नहीं हुआ है। यहां से गुजरने वाली एक माइनर नहर भी अपनी अंतिम घड़ियां गिन रही हैं, पानी न आने एवं अनगिनत झाड़ियां उगने के कारण यह दयनीय स्थिति में है। प्रशासन अपने कर्तव्य से पृथक रहा है। विभिन्न ग्राम प्रधानों ने कार्य में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। कटेहरी के पूर्व विधायक, पूर्व वित्त मंत्री एवं वर्तमान सांसद अपने 40 साल लंबे राजनीतिक कार्यकाल में यह कार्य करवाने में विफल रहे हैं। गांव की दलित बस्तियों की स्थिति करुणाजनक है। प्राथमिक विद्यालय तक जाते हुए बच्चे एक ईंट से दूसरे पर कूदते हुए जाते हैं।


