बीएचयू में सिविल इंजीनियरिंग के टॉपर पुरु दुबे बने आईएएस, यूपीएससी में हासिल की 86वीं रैंक
Ambedkar-nagar News - महरुआ बाजार के निवासी पुरु दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2025 की परीक्षा में 86वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है। पुरु ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
अम्बेडकरनगर संवाददाता। जिले के महरुआ बाजार निवासी पुरु दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2025 की परीक्षा में 86वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए गर्व व्यक्त किया है। पुरु दुबे के पिता संजय दुबे सिद्धार्थनगर जिले के रत्नसेन इंटर कॉलेज, बांसी में प्रधानाचार्य हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। पुरु ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। खास बात यह है कि उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली।
इससे पहले दो बार वे यूपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना सके थे।लगातार प्रयास और दृढ़ संकल्प के चलते इस बार उन्होंने सफलता हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है। फिलहाल पुरु दुबे दिल्ली में हैं और जल्द ही अपने घर आने की संभावना है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही महरुआ बाजार समेत पूरे जिले में जश्न का माहौल है और लोग मिठाइयां बांटकर खुशी मना रहे हैं।पुरु दुबे ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई नगर के सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज से पूरी की, जहां वे दोनों कक्षाओं में विद्यालय के टॉपर रहे। उनके चाचा अजय दुबे जिले के समोखपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं, जबकि दूसरे चाचा डॉ. राजेश दुबे बस्ती जिले के परशुरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।आईआईटी बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग के टॉपर रहे पुरु दुबेपुरु दुबे ने यूपीएससी में सफलता हासिल करने से पहले भी अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से पहचान बनाई थी। उन्होंने प्रतिष्ठित आईआईटी बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अपने बैच में टॉपर रहे। छात्र जीवन से ही वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की। यूपीएससी 2025 में 86वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस बनने की उनकी सफलता भी उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। इससे पहले वे दो बार इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन में सफल नहीं हो सके थे।यूपीएससी के अलावा नहीं दी कोई अन्य परीक्षापुरु दुबे ने शुरू से ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी पर केंद्रित होकर तैयारी की। उन्होंने यूपीएससी के अलावा किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में भाग नहीं लिया। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। परिवार में शिक्षा का वातावरण होने के कारण उनकी बहनें भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उनकी बड़ी बहन साक्षी दुबे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं, जबकि दूसरी बहन स्मृति दुबे दिल्ली में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।आईएएस बनने से दोगुनी हुई घर की खुशियांपुरु दुबे के आईएएस बनने से उनके घर में खुशी का माहौल है। परिवार पहले से ही उनकी बहन साक्षी दुबे की अप्रैल में होने वाली शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। इसी बीच पुरु की सफलता की खबर आने से परिवार की खुशियां और बढ़ गई हैं।एक तरफ घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुरु की उपलब्धि ने पूरे परिवार को गर्व और उत्साह से भर दिया है। परिवारजन और क्षेत्र के लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
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