गिरते भू-जल स्तर से दगा दे रहे उथले नलकूप, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
अम्बेडकरनगर में गिरते भू-जल स्तर से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। गर्मी के मौसम में उथले नलकूपों से पानी नहीं मिल रहा है, जिससे सिंचाई में संकट उत्पन्न हो रहा है। किसानों को गहरे नलकूपों के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जल संकट के समाधान के लिए जल शक्ति मंत्री का दौरा उम्मीद है।

अम्बेडकरनगर, संवाददाता। जनपद में लगातार गिर रहे भू-जल स्तर से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गिरते जल स्तर के कारण उथले बोरिंग वाले नलकूप गर्मी में पानी नहीं दे रहे हैं। इससे सिंचई का संकट उत्पन्न हो रहा है। गर्मी के सीजन में उथले बोरिंग वाले नलकूपों पर लगे पंपसेट पानी नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में कूप को दस फीट नीचे ले जाना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए किसान गहरे नलकूप की बोरिंग कराने को मजबूर हैं। गहरे नलकूप की बोरिंग के लिए लघु सिंचाई विभाग में अब तक 350 से अधिक किसान आनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं जबकि अभी तक शासन स्तर से विभाग को लक्ष्य ही नहीं मिल सका है।
गत वर्ष में जनपद में लघु सिंचाई विभाग को मध्यम गहरे बोरिंग के लिए 120 और 10 गहरे बोरिंग का लक्ष्य मिला था। जबकि दो सौ से अधिक किसान आवेदन किए थे। शेष 80 से अधिक किसानों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। विभाग के सहायक अभियतां आवेदकों की लम्बी फेहरिस्त देख बेबस हैं। जल शक्ति मंत्री का जिले में आगमन होता है। जन प्रतिनिधि और स्थानीय नेता इस जन समस्या को उनके सम्मुख उठा कर लक्ष्य को बढ़वा सकते हैं। इसके अलावा भूजल रिचार्ज संबंधी योजनाएं तालाब, चेकडेम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग इस जनपद में स्वीकृत कराकर किसानों का भला कर सकते हैं और भविष्य में आने वाले जल संकट को समय रहते दूर कर सकते हैं।
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