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अंबेडकर नगरमिट्टी को उपजाऊ बनाती है हरी खाद: डा. रामजीत

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 11:10 PM
मिट्टी को उपजाऊ बनाती है हरी खाद: डा. रामजीत

अम्बेडकरनगर।

हरी खाद से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और भूमि की रक्षा होती है। हरी खाद सहायक फसल है जो मिट्टी में जैविक पदार्थों को पूरा करता है। ये सुझाव कृषि विज्ञान केन्द्र पाती के अध्यक्ष डा. राम जीत ने किसानों को दिए हैं।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रामजीत ने बताया कि मृदा के लगातार दोहन से उसमें पौधों की बढ़वार के लिए आवश्यक तत्व नष्ट होते जा रहे हैं। इसकी पूर्ति हरी खाद से की जा सकती है। हरी खाद के लिए दलहनी फसलों में सनई, ढैंचा, लोबिया, उड़द, मूंग, ग्वार जैसी फसलों का उपयोग किया जा सकता है। दलहनी फसलों में जड़ो में नाइट्रोजन को वातावरण से मृदा में स्थिर करने वाले जीवाणु पाए जाते हैं। हरी खाद की इस फसल को बुआई के 40 से 60 दिन की अवस्था में पाटा लगाकर मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई कर देनी चाहिए। समय से पहले पलटने से पर्याप्त कार्बनिक पदार्थ प्राप्त नहीं होते हैं। जिससे हरी खाद देने वाली इन फसलों को उचित समय पर पलटना चाहिए। अधिक वर्षा तथा अधिक तापमान की दशा में सड़ने गलने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ हो जाती है। ढैंचा या सनई की फसल को हरी खाद के रूप में पलटने के बाद पानी भरकर धान की रोपाई की जा सकती है।

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