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अंबेडकर नगरकोरोना काल में गांव में पड़ गए रोजगार के लाले

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:02 AM
कोरोना काल में गांव में पड़ गए रोजगार के लाले

भीटी। मनरेगा हो या सरकारी अन्य योजनाएं, जरूरतमंदों को गांव में ही काम दिलाने के लिए चलाई जा रही योजनाएं इस बार गति नहीं पकड़ सकी हैं। एक तो कोरोना का कहर दूसरी तरफ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, ऐसे में रोजगार की गाड़ी बीच रास्ते में ही फंस गई। कोरोना के कारण जहां बाजार बंद थे तो दूसरी तरफ अभी ग्राम पंचायतों के खाते तक नहीं खुल सके हैं।

विकासखंड भीटी में मनरेगा में पंजीकृत मजदूरों की संख्या लाखों के करीब है। सवाल यह है कि रोजगार के लिए आखिर जरूरतमंद कहां जाएं? इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भीटी अनुपम सिंह ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में शीघ्र ही मनरेगा में कार्य शुरू कराने का निर्देश दे दिया गया है।

कागजों में रोजगार की गारंटी है, पर नहीं मिल रहा है रोजगार: मनरेगा के तहत प्रत्येक पंजीकृत परिवार को 100 दिन की रोजगार की गारंटी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उसे लिखित रूप से कार्य की मांग ग्राम पंचायत से करनी होती है। यदि एक सप्ताह में रोजगार नहीं मिला तो इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी, एपीओ मनरेगा से की जा सकती है। रोजगार न मिलने पर भत्ता देने की व्यवस्था है। बंसराज का कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बीते वर्ष 25 दिसंबर को खत्म हो गया था। इसके बाद से गांव में काम बंद हो गया है। दीपक ने बताया कि 6 माह से रोजगार नहीं मिल रहा है। शारदा देवी ने बताया कि आर्थिक तंगी से अब घर चलाना मुश्किल हो गया है। प्रवासी छोटेलाल ने बताया कि कोरोना के कारण वह लुधियाना से घर आ गए हैं परंतु एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक रोजगार और कोई भी सुविधा ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

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