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अंबेडकर नगर

अम्बेडकरनगर में बंद हुई यात्री ट्रेन तो थम गया टांडा शहर का विकास

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Thu, 22 Oct 2020 03:00 AM
अम्बेडकरनगर में बंद हुई यात्री ट्रेन तो थम गया टांडा शहर का विकास

अम्बेडकरनगर । टांडा बुनकरों की नगरी है। जिले का सबसे पुराना कस्बा है। इस पुराने नगर के विकास की रफ्तार बेहद मंद है। मंदी का कारण शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा है। उपेक्षा ने यात्री ट्रेन का परिचालन बंद करवा दिया था। इससे टांडा शहर का विकास थम गया है। सरयू नदी (घाघरा) के किनारे बसा टांडा शहर के विकास की संभावना तीन दिशाओं में है। पूरब और पश्चिम के साथ दक्षिण दिशा में टांडा शहर का विस्तार होने, क्षेत्रफल बढ़ने, रोजगार के अवसर पैदा होने की प्रबल संभावना के बावजूद ऐसा नहीं हो सका है। इसका कारण अकबरपुर टांडा के मध्य चलने वाली यात्री ट्रेन का बंद हो जाना है। यात्री ट्रेन के बंद हो जाने के चलते टांडा के शहर का विकास थम सा गया है। अगर 27 साल पहले अकबरपुर-टांडा यात्री गाड़ी का परिचालन अगर बंद न हुआ होता तो आज के टांडा शहर की तश्वीर अलग ही होती।ट्रेन के चलने के दौरान तेजी से हुआ था विकासजब तक अकबरपुर टांडा यात्री ट्रेन चल रही थी तब तक टांडा शहर का विकास तेजी से हो रहा था। ट्रेन बंद हो जाने के बाद से टांडा शहर का क्षेत्रफल नहीं बढ़ा है। 10 फरवरी 1993 को ट्रेन बंद होने के बाद बाद टांडा शहर के साथ क्षेत्रफल में वृद्धि नहीं हुई है। भले ही टांडा रेलवे स्टेशन के सामने हाइडिल और स्टेशन के दक्षिण में विकास खंड कार्यालय टांडा स्थापित है लेकिन अपेक्षित रोजगार के अवसर नहीं पैदा हो सके हैं। इसका अहम कारण ट्रेन का परिचालन बंद होना है। जानकार बताते हैं कि आवागमन की सुविधा होती तो इस क्षेत्र में कई तरह के स्वरोजगार के अवसर पैदा हो सकते थे। साथ ही टांडा शहर का विकास इनामीपुर तक हो गया होता।अकबरपुर, जलालपुर, किछौछा के मुकाबले पिछड़ा टांडाटांडा नगर पालिका परिषद का क्षेत्रफल अन्य कस्बों के मुकाबले बेहद कम बढ़ा है। जिला बनने के बाद जनपद के पांच निकायों में से तीन का सीमा विस्तार तो हुआ मगर सबसे पुराने शहर टांडा का विस्तार नहीं हो सका है। टांडा के बाद कस्बा बने जिला मुख्यालय नगर अकबरपुर, अशरफपुर किछौछा और जलालपुर कस्बे का सीमा विस्तार हो चुका है लेकिन सबसे पुराने शहर टांडा सीमा विस्तार आज तक नहीं हो सका। इसके पीछे का अहम कारण अकबरपुर टांडा के मध्य चलने वाली यात्री ट्रेन का बंद हो जाना है।

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