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अंबेडकर नगरकोरोना की मार: 100 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:02 AM
कोरोना की मार: 100 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित

अम्बेडकरनगर। करीब सवा माह के कोरोना कर्फ्यू ने छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। बंदी के चलते 100 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं व्यापार बेपटरी होने से व्यापारियों को आगे की चिंता सता रही है।

कोरोना के चलते बंद महीने भर का कारोबार भले ही मंगलवार से खुल रहा है लेकिन व्यापारियों के सामने तमाम समस्याएं पैदा हो गई हैं। मसलन सबसे पहले दुकान का किराया, बिजली का बिल और स्टाफ का वेतन भुगतान करने की समस्या है। दूसरी ओर दुकान में माल का अभाव है। माल का अभाव यूं भी अब आसानी से खत्म होने वाला नहीं है। इसका कारण बड़े कारोबारियों की ओर से नगद भुगतान की नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पहले माल की आपूर्ति और उसके बाद भुगतान होता था, लेकिन अब व्यापारी सबसे पहले भुगतान की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बड़े शहरों और खासकर कानपुर जैसे व्यवसायिक नगर में अभी भी कोरोना के कर्फ्यू से जिले में माल की आपूर्ति हो पाना मुश्किल है। अहम यह है कि भले ही सरकार कह रही है और आरबीआई दावा कर रहा है लेकिन कोई भी बाइक व्यापारियों का किसी प्रकार का सहयोग नहीं कर रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद भी कारोबार के पटरी पर जल्द आने की संभावना कम है।

नुकसान की भरपाई हो पाना मुश्किल: कोरोना कर्फ्यू बाजार को संजीवनी प्रदान करने वाले मई माह के दौरान प्रभावी रहा। शादी विवाह के सीजन में और ईद के मौके पर जब सबसे अधिक कपड़ा सर्राफा और ऑटो का कारोबार होता है तब कोरोना कफ्र्यू रहने से जिले के कारोबार को भारी चपत लगी। अनुमान के अनुसार 40 करोड़ रुपए से अधिक के कपड़ा कारोबार को नुकसान हुआ। 20 करोड़ रुपए सर्राफा बाजार का नुकसान हुआ। 20 ही करोड़ों रुपए ऑटो कारोबार को चपत लगी। करीब 10 करोड़ रुपए का जूता चप्पल व मिठाई के कारोबार वालों को नुकसान उठाना पड़ा।

बोले व्यापारी: कर्फ्यू से टूटी कारोबार की कमर

कोरोना कर्फ्यू से लगी चपत की भरपाई हो पाना मुश्किल है। किराना व्यापारी दीपक केड़िया ने कहा कि भरपाई मुश्किल है। व्यापार पटरी पर लौटना मुश्किल लग रहा है। कारण व्यापार का पैटर्न ही बदल गया है। स्थिति यह है कि अब पहले पूंजी मिले तब व्यापार हो और सरकार के दावे के विपरीत बैंक संस्थान नहीं मदद नहीं कर रहे हैं। सर्राफा व्यापारी राजकुमार सेठ ने कहा कि कोरोना कफ्र्यू ने कारोबार की कमर ही तोड़ दी। लगातार दो वर्ष से शादी विवाह के समय बिक्री न होने से सब कुछ चौपट हो गया है, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी दीपक मद्धेशिया ने कहा कि कोरोना काल में कफ्र्यू से अधिक।व्यापारियों को चोट पुलिस ने लगाई है। स्थिति यह है कि हम पर मुकदमे दर्ज किए गए। स्टाफ का वेतन बिजली का बिल दुकान का किराया भरने तक की स्थिति नहीं रह गई है।

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