जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ए और बी निगेटिव ग्रुप के खून समाप्त
Ambedkar-nagar News - अम्बेडकरनगर के जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी बनी हुई है। ए और बी निगेटिव ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को आपात स्थिति में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सामाजिक संस्थाओं से संपर्क कर रक्तदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अम्बेडकरनगर, संवाददाता। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा है। अक्सर यहां अलग अलग ग्रुप के खून की कमीं बनी रहती है। ऐसे में मरीजों को जब इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत होती है तो उन्हें खासी परेशानी होती है। मौजूदा स्थिति यह है कि ब्लड बैंक में ए व बी निगेटिव ग्रुप का ब्लड ही नहीं है। ऐसे में यदि किसी मरीज को इस ग्रुप के खून की आवश्यकता पड़ जाए तो फिर उसे भागदौड़ करने को विवश होना पड़ेगा। संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में सौ यूनिट क्षमता का ब्लड बैंक स्थापित है, जहां से मरीजों को आपात स्थिति में ब्लड की उपलब्धता कराई जाती है।
हालांकि ब्लड बैंक का लाभ जिस प्रकार से मरीजों को मिलना चाहिए, उस तरह से नहीं मिल पा रहा है। कारण यह कि यहां अक्सर अलग अलग ग्रुप के खून की कमीं बनी रहती है। ऐसे में मरीजों को अक्सर दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। मौजूदा स्थिति यह है कि ब्लड बैंक में ए पॉजटिव ग्रुप का दो यूनिट, एबी पॉजटिव का एक यूनिट, बी पॉजटिव का दो यूनिट तथा ओ पॉजटिव व ओ निगेटिव का एक एक यूनिट ही ब्लड उपलब्ध है। जबकि ए व बी निगेटिव ग्रुप का ब्लड ही मौजूद नहीं है। ऐसे में ब्लड की कमीं होने का प्रतिकूल प्रभाव मरीजों पर पड़ रहा है। समस्या की बात यह है कि यदि आपात स्थिति में यदि किसी मरीज को ए व बी निगेटिव ग्रुप के खून की आवश्यता पड़ जाए तो उसे ब्लड बैंक से खून ही नहीं मिलेगा। क्योंकि इन दोनों ग्रुप के एक भी यूनिट खून की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में तीमारदारों को मेडिकल कॉलेज या फिर संबंधित ग्रुप के किसी व्यक्ति से ब्लड डोनेट कराने की मजबूरी से गुजरना पड़ सकता है। नगर के राजेश व मनीराम का कहना है कि जिला अस्पताल जिले की सबसे बड़ी यूनिट है। ऐसे में यहां ब्लड की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में हमेशा होना चाहिए। क्योंकि आपातकाल की स्थिति में जिले के तमाम मरीज पहले यहां पर पहुंचते हैं। ब्लड के अभाव में किसी भी मरीज की जान खतरे में न पड़े, इसे लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए।‘ब्लड बैंक में खून की कमीं न हो, इसके लिए पूरा प्रयास रहता है। सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है, जिससे वे रक्तदान के लिए आगे आएं। किसी भी मरीज के परिजन को ब्लड के अभाव में भटकना न पड़े, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।’एएम त्रिपाठी, प्रभारी, ब्लड बैंक जिला अस्पताल
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