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अंबेडकर नगरदिवंगत शिक्षकों मुआवजा देने का ऐलान

हिन्दुस्तान टीम,अंबेडकर नगरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:03 AM
दिवंगत शिक्षकों मुआवजा देने का ऐलान

अम्बेडकरनगर। कोरोना संकट काल के बीच पंचायत चुनाव हुआ। तमाम शिक्षकों की मौत हो गई। शिक्षकों मौत के मामले में लंबी सियासत के बाद प्रदेश सरकार ने यू टर्न लिया। सीएम ने सभी शिक्षकों की मौत को कोरोना से होना स्वीकार किया। आन ड्यूटी मानते हुए चुनाव व कोरोना के हिसाब से मुआवजा देने का ऐलान हुआ। ऐलान तो हुआ लेकिन अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इससे शिक्षक आहत हैं। शिक्षकों ने जोरदार घंटी बजाते हुए ज्ञापन भेजकर शासन से गुहार लगाई है।

प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला एवं ब्लॉक इकाई के प्रतिनिधियों ने निगरानी समिति के विरोध में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को। ज्ञापन में निगरानी समिति के अतिरिक्त चयन वेतनमान, नव नियुक्त शिक्षकों के वेतन, मृतक शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक का सत्यापन कराने एवं सूची भेजने, चुनाव में अनुपस्थित शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों के ऊपर की गई कार्यवाही को वापस लेने मांग की गई। इसके पूर्व संगठन की महत्वपूर्ण बैठक राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता तथा बृजेश कुमार मिश्र के संचालन में हुई। बृजेश मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार निर्वाचन में लगे शिक्षकों की कोविड से मृत्यु हो जाने के बावजूद उनके परिजनों के साथ अन्याय कर रही है। पहले संगठन की सूची को झुठलाया गया बाद में मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों को मुआवजा देने की घोषणा तो की किन्तु एक सप्ताह के बाद भी शासनादेश जारी नही हुआ। कहा कि शासनादेश का उल्लंघन करते हुए लगभग 1100 शिक्षकों को निगरानी समिति का अध्यक्ष बनाकर उनसे सुबह नौ बजे से शाम पंचे बजे तक की छुट्टी में भी ड्यूटी ली जा रही है। शिक्षकों की सेवाशर्तों में ग्रीष्मावकाश होने के कारण ही उन्हें सरकारी कर्मियों की भांति उपार्जित अवकाश का लाभ नही दिया जाता है। अध्यक्षता करते हुए राजेश कुमार यादव ने कहा कि शासन की नीति एवं नियति में खोट की मंशा को देखते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को एक दिन का वेतन देने की पेशकश किया है किंतु सरकार को इतने के बावजूद अपने उत्तरदायित्व का बोध नही हो रहा है। चेतावनी दी कि हमारी आठ सूत्रीय मांगों के संबंध में कोई ठोस कार्यवाही कार्यवाही नही होती है तो प्रदेश के लाखों शिक्षक प्रदेशीय संगठन के नेतृत्व में आंदोलन की राह पर होंगे। बैठक एवं ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से राम केवल यादव, अनूप कुमार शुक्ल, अखिलेश यादव, अनिल यादव, मनोराम, सतन कुमार, सुहैल अहमद, ज्ञानेंद्र मणि मिश्र, हृदय राम, अरुण यादव, राम सुंदर वर्मा व अन्य मौजूद रहे।

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