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23 जनवरी, 2020|1:51|IST

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ब्लू व्हेल के जाल से बच्चों को बचाएगी पुलिस

ब्लू व्हेल के जाल से बच्चों को बचाएगी पुलिस

ब्लू व्हेल गेम के जाल से बच्चों को बचाने के लिए डीजीपी के निर्देश पर पुलिस ने एक ऐसी कमेटी का गठन किया है जो बच्चों की काउंसिलिंग करेगी। साइबर सेल के साथ मनोवैज्ञानिक की मदद से बच्चों और उनके माता-पिता को समझाया जाएगा। दरअसल इलाहाबाद में ब्लू व्हेल गेम खेलने के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इसके बाद से सतर्कता बरती जा रही है।

एसपी क्राइम बृजेश मिश्र ने बताया कि इलाहाबाद में ब्लू व्हेल गेम से बच्चों को बचाने के लिए साइबर सेल मानिटरिंग कर रही है। अभी तक कोई मामला प्रकाश में आने पर सिर्फ पुलिस ही बच्चों की मदद करती थी। लेकिन अब डीजीपी के निर्देश पर एक कमेटी बनाई गई है जिसमें पुलिस के अलावा मनोवैज्ञानिक भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी, साइबर एक्सपर्ट, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक की कमेटी ब्लू व्हेल गेम खेलने वाले बच्चों और उनके माता-पिता की काउंसिलिंग करेगी।

तीन मामले सामने आए

पहला-छात्र ने फेसबुक पर किया था अपडेट

इलाहाबाद में ब्लू व्हेल खेलने का पहला मामला पुलिस लाइन के पास रहने वाले एक 11वीं के छात्र की हरकत से पता चला था। छात्र ने गेम खेलने के दौरान 11वें लेवल में पहुंचने पर हाथ में ब्लू व्हेल बनाकर उसकी फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी। साइबर सेल ने जानकारी मिलने के बाद छात्र की काउंसिलिंग की थी।

दूसरा-पिता ने दी थी पुलिस को जानकारी

कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक सरकारी कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा सुबह चार बजे उठकर अजीब हरकतें करता है। मोबाइल लेकर खेलता रहता है। साइबर सेल ने ब्लू व्हेल खेलने की सूचना पर उस छात्र को समझाया और इस खेल से होने वाली हानि से अवगत कराया। दो दिन तक उसकी हरकतों पर पुलिस ने नजर रखी थी।

तीसरा-छात्र की हरकत से दोस्त हुए हैरान

धूमनगंज में भी ब्लू व्हेल गेम खेलने का एक मामला सामने आया था। खेल ही खेल में एक छात्र ने अपनी बाइक डिवाइडर से भिड़ाकर जान देने की कोशिश की थी। उसके दोस्तों की मदद से परिजन को हादसे की जानकारी मिली थी।

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  • Web Title:Police will save children from the blue whale trap