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ओवरएज अभ्यर्थियों को मिलेगा सत्र शून्य का लाभ

ओवरएज अभ्यर्थियों को मिलेगा सत्र शून्य का लाभ

लोक सेवा आयोग ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा 2018 (पीसीएस जे) का विज्ञापन मंगलवार को जारी कर दिया। इसके साथ ही इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। पीसीएस जे 2017 का सत्र शून्य होने के कारण आयोग ने ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को लाभ दिया है।

विज्ञापन में लिखा गया है कि जो अभ्यर्थी परीक्षा वर्ष 2017 की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आयु में पात्र थे, उन्हें इस परीक्षा में सम्मिलित होने का पात्र समझा जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों का जन्म दो जुलाई 1983 से पूर्व तथा एक जुलाई 1996 के बाद का नहीं होना चाहिए। इस परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु सीमा 22 और अधिकतम 35 वर्ष निर्धारित है। अभ्यर्थियों का जन्म दो जुलाई 1984 से पूर्व तथा एक जुलाई 1997 के बाद का नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के एसएसी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। सरकारी कर्मचारी भी आवेदन कर सकते हैं लेकिन उन्हें आयु सीमा में कोई छूट नहीं दी जाएगी।

मिलेंगे सिर्फ चार अवसर ही

विज्ञापन में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (संशोधन) नियमावली 2003 के नियम 10 के अनुसार परीक्षा में शामिल होने के अवसरों की संख्या अधिकतम चार है। प्रतियोगी छात्र अवसरों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

अनराक्षित श्रेणी के हैं 306 पद

इस भर्ती में कुल 610 पद हैं। इनमें से 306 पद अनारक्षित हैं जबकि 164 पद ओबीसी, 128 पद एससी और 12 पद एसटी के लिए आरक्षित होंगे। क्षैतिज आरक्षण के तहत 12 पद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, 122 पद महिलाओं और 24 पद दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगे।

पाठ्यक्रम पुराना, होगी मानइस मार्किंग

पीसीएस जे के पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। चर्चा थी कि पीसीएस जे मुख्य परीक्षा के विधि तृतीय प्रश्न पत्र से उत्तर प्रदेश जमींदारी-विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1951 को समाप्त कर उत्तर प्रदेश भू-राजस्व संहिता को जोड़ा जाएगा क्योंकि यूपी 11 फरवरी 2016 से इसे प्रभावी किया जा चुका है लेकिन पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुख्य परीक्षा में पहले की तरह की पांच प्रश्न पत्र होंगे। इनमें से तीन प्रश्न पत्र विधि के होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में माइनस मार्किंग की व्यवस्था लागू की गई है। एससी-एसटी के अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में न्यूनतम तीस तो सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों को चालीस प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य होगा। इंटरव्यू 100 अंकों का होगा।

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  • Web Title:Overage candidates will get the benefit of session zero