DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तीन मिनट में होगी न्यूरोपैथी की पहचान

तीन मिनट में होगी न्यूरोपैथी की पहचान

इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के तत्वाधान में एएमए कनवेन्शन सेन्टर के सभागार में रविवार को वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता एएमए अध्यक्ष डॉ. आरकेएस चौहान ने की।

नाजरेथ अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरपी शुक्ला ने बताया कि न्यूरोपैथी एक ऐसी समस्या है, जिसमें हमारी नसें सुचारु रूप से कार्य नहीं करती हैं। इसकी वजह से या तो शरीर का कुछ हिस्सा सुन्न लगने लगता है या अत्यधिक दर्द होने लगता है। यह दर्द सामान्य दवाओं से ठीक नहीं होता है। न्यूरोपैथी के प्रमुख कारणों में से एक मधुमेह है जो हमारे देश में महामारी की तरह फैली हुई है। इस समस्या की पहचान लक्षणों या फिर कुछ जांचों से हो सकती है। लक्षण तो बहुत देर से आते हैं। एक बार स्थापित हो गए तो पूर्ण रूप से उन्हें समाप्त करना कठिन है। यदि इसकी पहचान जल्दी हो जाय तो इसको ठीक से नियंत्रित करना आसान है।

उन्होंने बताया कि सामान्यत: मधुमेह 10 वर्ष या अधिक का हो तब उसके लक्षण आते हैं, लेकिन फ्रांस ने एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे इसको शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है। इस तकनीक को सूडोस्कैन कहते हैं। प्रयागराज में यह मशीन नाजरेथ में कार्यरत वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरपी शुक्ला के पास उपलब्ध है। इस तकनीक से बिना किसी इंजेक्शन या इनवेजन के केवल तीन मिनट में न्यूरोपैथी को स्क्रीन किया जा सकता है।

दिल्ली से आई एमिल की निदेशक डॉ. मलिका कपूर ने बताया कि सूडोस्कैन अन्य बीमारियों से उत्पन्न न्यूरोपैथी की पहचान में भी कारगर है। जैसे पार्किन्सन, कार्डियेक ऑटोनामी न्यूरोपैथी, कैंसर के इलाज में होने वाली कीमोथेरेपी के कारण न्यूरोपैथी में भी सूडोस्कैन उपयोगी है। संगोष्ठी में डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. राधा घोष, डॉ. आशा जायसवाल, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. स्वतंत्र सिंह, डॉ. शरद साहू, डॉ. नागेश्वर मिश्र, डॉ. अनूप चौहान, डॉ. सुभाष वर्मा आदि मौजूद थे। संचालन सचिव डॉ. राजेश मौर्या और वैज्ञानिक सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता ने किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Neuropathy will be investigated in only three minutes