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लोक सेवा आयोग के विवादित फैसले बनेंगे गले की फांस

लोक सेवा आयोग के विवादित फैसले बनेंगे गले की फांस

लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव के कार्यकाल के दौरान पारित किए गए विवादित प्रस्ताव कुछ लोगों के गले की फांस बन सकते हैं। सीबीआई की अब तक की जांच में आयोग का कोई भी अफसर यह स्पष्ट नहीं कर सका है कि परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों की जाति, वर्ग और बाद में नाम न लिखने का फैसला आखिर क्यों लिया गया था?

वजह स्पष्ट न होने से सीबीआई का मानना है कि यह फैसले भर्तियों में भ्रष्टाचार को छिपाने की मंशा से लिए गए थे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आयोग की यह मंशा इस बात से भी स्पष्ट हो रही है कि नाम न लिखने का फैसला होने के बाद ही एक-एक कर पीसीएस 2014, आरओ-एआरओ 2013, राजस्व निरीक्षक, कृषि तकनीकी सहायक सहित कई बड़ी भर्तियों के परिणाम घोषित किए गए। हालांकि इस बारे में सीबीआई की आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव से पूछताछ अभी बाकी है।

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  • Web Title:Disputed dicisions will create problem for UPPSC