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निर्मल गंगा के लिए आंदोलन करेंगे दंडी संन्यासी

गंगा एक नदी ही नहीं, हिन्दू धर्म में आस्था का प्रतीक है। कुम्भ के पूर्व गंगा में पर्याप्त और निर्मल जल उपलब्ध होना चाहिए। यह तभी सम्भव होगा जब प्रशासन की ओर से कठोरता के साथ नालों और फैक्ट्रियों के गंदे पानी को गंगा में गिरने से रोका जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो दंडी संन्यासी सहित पूरा संत समाज गंगा की निर्मलता के लिए अक्तूबर माह से आंदोलन करेगा। यह बातें कैवल्य आश्रम टीकरमाफी झूंसी में बुधवार को अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति की बैठक में शामिल दंडी संन्यासियों ने कहीं।

बैठक के दौरान कुम्भ की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। प्रदेश सरकार और प्रशासन पर आक्रोश व्यक्त करते हुए संतों ने कहा कि चौड़ीकरण के नाम पर हिन्दुओं के प्राचीन धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है वहीं दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल को छुआ तक नहीं जा रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। बैठक में दंडी प्रबंधन समिति की ओर से 150 बीघा में दंडी स्वामी नगर बसाने की मांग की गई। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए दंडी नगर में रैन बसेरा बनाने की अपील हुई।

अध्यक्षता करते हुए हरिचैतन्य ब्रम्ह्चारी टीकर माफी ने कहा मेला प्रशासन की ओर से दंडी संन्यासियों की उपेक्षा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दंडी संन्यासी कुम्भ मेला के प्रथम पूज्य होते हैं और इन्हीं को सुविधाओं को उपलब्ध कराने में मेला प्रशासन आनाकानी करने लगता है। कहा कि संतों द्वारा अक्सर गंगा में प्रदूषित जल पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रदर्शन किया जाता है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से गंगा की निर्मल धारा के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

समिति के अध्यक्ष विमल देव आश्रम ने कहा कि कुम्भ में दंडी स्वामी नगर, रामानुज नगर, खाकचौक और प्रयागवाल की उपेक्षा की जाती है। लेकिन वास्तव में इन्हीं के द्वारा मेला में रौनक रहती है। कुम्भ मेला प्रशासन से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि कुम्भ के दौरान दंडी संन्यासियों की सुविधाओं में कटौती कर उनकी उपेक्षा की जाती है। इस बार अगर ऐसा किया गया तो इसका खूला विरोध किया जाएगा। दंडी स्वामी नगर की भूमि मोरी मार्ग एंव रामानुज मार्ग के मध्य सात गाटों में बसाया जाया। नगर को अपेक्षा के अनुरूप सुविधा उपलब्ध कराई जाया।

शंकर आश्रम ने कहा कि गंगाजल की स्थिति अभी से ही दैयनीय है। इसे अभी से ही अविरल और निर्मल बनाने का प्रयास करना चाहिए।

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  • Web Title:Dandi saints will organize movement for Nirmal Ganga