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3 दिसंबर, 2020|3:13|IST

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सत्य, अहिंसा के साथ बापू वक्त के थे पुजारी

सत्य, अहिंसा के साथ बापू वक्त के थे पुजारी

इलाहाबाद संग्रहालय के दूसरे तल पर स्थित महात्मा गांधी वीथिका में बापू के बचपन से लेकर संगम में हुए अंतिम संस्कार तक की स्मृतियां कई रूपों में सहेज कर रखी गईं हैं। इसमें उनके दुर्लभ चित्र, मित्रों, क्रांतिकारियों व अंग्रेज अधिकारियों को लिखे पत्रों के अलावा प्रवेश द्वार पर सात सामाजिक पाप भी लिखे हैं जिसमें गांधी जी का संपूर्ण जीवन दर्शन झलकता है।

इसमें पहला : सिद्वांत के बिना राजनीति, दूसरा : कर्म के बिना धन, तीसरा : विवेक के बिना आनंद, चौथा : चरित्र के बिना सुख, पांचवा : नैतिकता के बिना व्यापार, छठवां : मानवता के बिना विज्ञान और सातवां : त्याग के बिना पूजा को पाप बताया गया है। वीथिका में गांधीजी के जीवन से जुड़े 75 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं।

सहेज कर रखी है गांधी जी घड़ी

गांधीजी सत्य, अहिंसा के साथ समय प्रबंधन के भी पाबंद थे। ये बात गांधीजी की उस घड़ी से प्रतीत होती है जिसे पं. जवाहर लाल नेहरू ने संग्रहालय को भेंट की थी। इस घड़ी को बापू अपनी धोती में सेफ्टीपिन से बांध कर रखते थे।

शीशी में रखा है दांडी का नमक

संग्रहालय में दुर्लभ घड़ी के अलावा 1920 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के द्वारा दांडी गुजरात के समुद्र तट पर बनाए गए नमक को भी एक शीशी में सहेजकर रखा गया है। 6 अप्रैल 1930 को प्राकृतिक नमक का ढेला उठाकर नमक कानून तोड़ते गांधी जी का चित्र भी है।

संग्रहालय के अधिकारी डॉ. ओंकार वानखेड़े ने बताया की गांधी जी का इलाहाबाद से गहरा नाता रहा है। इसलिए उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों को सहेजने का कार्य किया गया है। इससे दर्शकों को गांधी जी के बारे में जानने का अवसर मिलता है।

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  • Web Title:Bapu's clock is kept in the Allahabad Museum