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थोक बाजार पर दिखने लगा जीएसटी का कृत्रिम असर, कीमत बढ़ने लगी

GST

गल्ले पर जीएसटी नहीं लगा। ट्रांसपोर्ट का किराया भी जस का तस है। फिर भी दाल और चीनी सहित कई अनब्रांडेड खाद्य सामग्री महंगी हो गई। 
जीएसटी लागू होने के बाद गल्ला का दाम बढ़ रहा है। एक हफ्ते में अरहर दाल 300 रुपये क्विंटल महंगी हुई है। चीनी का भाव एक हफ्ते में 50 रुपये बढ़ा है। आटा, तेल के भी भाव बढ़े हैं। मंडी के गल्ला कारोबारी कहते हैं कि जीएसटी का असर बाजार पर दिखने लगा है। 
आश्चर्य की बात तो यह है कि महंगी हुई खाद्य सामग्री पर जीएसटी नहीं लगा। बाहर से आने वाले गल्ले का ट्रांसपोर्ट किराया भी अभी नहीं बढ़ा लेकिन नई कर लगने के बाद थोक मंडी में महंगाई दिखने लगी। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी कहते हैं कि ट्रांसपोर्ट का किराया नहीं बढ़ा। व्यापारी नेता के मुताबिक बाहर से सामान महंगा आ रहा है तो यहां भी भाव बढ़ रहे हैं। 


एक हफ्ते में महंगी हुई खाद्य सामग्री (रूपये प्रति क्विंटल) 
खाद्य                 30 जून                सात जुलाई 
अरहर दाल         5600-5800                  5900-6000
चना दाल           6500-6600                 6700-6800
चीनी               4000                    4050 
आटा               1725-1750            1750-1800
मैदा                1825                    1870
सूजी               1875                    1925
वनस्पति (15 किलो)    960                            980 
दो गुलाब सरसो तेल  1350                             1370       
  

फिर मंडी में महंगा हुआ टमाटर 
इलाहाबाद। टमाटर के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। टमाटर का भाव शुक्रवार को 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा गया। मुंडेरा मंडी में कर्नाटक से आने वाला टमाटर 50 रुपये किलो बिका। गुरुवार को मंडी में 35 रुपये किलो टमाटर बिक रहा था। सब्जी कारोबारी सतीश कुशवाहा कहते हैं कि वाहनों का किराया बढ़ने और टमाटर की कमी के चलते दाम बढ़ रहे हैं। सतीश भी कहते हैं कि इससे पहले टमाटर का भाव इतनी तेजी से नहीं बढ़ा। फुटकर बाजार में टमाटर 80-100 रुपये किलो बिक रहा है। 
 

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  • Web Title:artificial impact on the market of gst