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9 मार्च, 2021|3:51|IST

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सीबीआई जांच में लोक सेवा आयोग सदस्य सहयोग करें : हाईकोर्ट

सीबीआई जांच में लोक सेवा आयोग सदस्य सहयोग करें : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पांच साल की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच में सदस्यों को सहयोग करने का निर्देश दिया है किन्तु कहा है कि अध्यक्ष व सदस्यों को बुलाकर सीबीआई पूछताछ नहीं करेगी। यह व्यवस्था वर्तमान सदस्यों और अध्यक्ष पर लागू होगी। कोर्ट के जांच करने की छूट देने के आदेश से आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है।

इस मामले में केंद्र सरकार, सीबीआई और राज्य सरकार की तरफ से याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। कोर्ट ने आयोग के अधिवक्ता को जवाबी हलफनामा का जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है।

याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शशि नंदन, भारत सरकार के सहायक सालीसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश व विनय कुमार सिंह एवं राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा। राज्य सरकार ने जवाबी हलफनामे में उन परिस्थितियों का ब्योरा दिया है जिनके चलते 2012 से 2017 तक की परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया। केन्द्र सरकार व सीबीआई की तरफ से कहा गया कि सेवा से हटाने के अलावा अन्य कार्यवाही करने के आदेश जारी करने का सरकार को अधिकार है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार द्वारा भर्तियों में व्यापक अनियमितता की जांच कराने की भेजी गई संस्तुति पर यह आदेश दिया है। जो नियमानुसार व विधि सम्मत है। कोर्ट ने जानना चाहा था कि किन तथ्यों के आधार पर जांच कराने का निर्णय लिया गया। इसके क्या आधार हैं। जबकि याची का कहना है कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसकी जांच नहीं कराई जा सकती। इससे संस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

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  • Web Title:Allahabad; Public Service Commission members collaborate in CBI probe: Allahabad High Court: Public Service Commission members collaborate in CBI probe