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जांच के दायरे में आएंगे दो चरणीय परीक्षा के 10 हजार पद

सपा शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से की गई दो चरणीय परीक्षा के तकरीबन 10 हजार पद जांच के दायरे में आएंगे। इनमें से कई भर्तियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं विचाराधीन हैं। राजस्व निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा अधीनस्थ कृषि सेवा वर्ग 3 के 7675 पद सहित सम्मिलित अवर अभियंता विशेष चयन 2008, सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा 2008, अवर अभियंता सामान्य चयन 2008, प्रोग्रामर श्रेणी 2 लोक सेवा आयोग 2010 के अतिरिक्त अन्य बहुत भर्तियों की भी होगी जांच। अधीनस्थ कृषि सहायक वर्ग 3 के कुल 6628 पदों में ओबीसी का पद शासन द्वारा 566 निर्धारित था। लेकिन आयोग ने सामान्य तथा अनुसूचित जाति के अधियाचित पदों में कटौती कर ओबीसी की सीट 2030 कर दिया था। उच्च न्यायालय इस पूरे परिणाम को रद्द कर चुका है। मामला सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित है। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी 2014 के 430 पदों की परीक्षा अनिल यादव ने बहुत जल्दबाजी में कराई थी। लेकिन अर्हता तथा आरक्षण नियमावली में छेड़छाड़ को लेकर मामला उच्च न्यायालय में लम्बित है, इस परीक्षा का दो बार परिणाम जारी हुआ है। राजस्व निरीक्षक 2014 सबसे विवादित परीक्षा रही। इसके 617 पदों पर चयन सभी नियम कानूनों को दरकिनार कर किया गया है, इसकी स्क्रीनिंग परीक्षा की उत्तर कुंजी तक जारी नही की गई तथा इतना बड़ा परिणाम बिना नाम के केवल अनुक्रमांक के आधार पर जारी हुआ। यह तीनों परीक्षा परिणाम न्यायालय में विचाराधीन हैं। अनुमानत: दो चरणीय परीक्षा में पदों की संख्या दस हजार से अधिक होगी।

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  • Web Title:10 thousand vacancies to be under CBI scanner