Hindi NewsUP Newsallahabad High Court sat on holiday protect civil rights and freedom newlywed couple
नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए छुट्टी के दिन भी बैठी हाईकोर्ट, नवविवाहित जोड़े को किया स्वतंत्र

नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए छुट्टी के दिन भी बैठी हाईकोर्ट, नवविवाहित जोड़े को किया स्वतंत्र

संक्षेप:

हाईकोर्ट ने बिना कानूनी प्राधिकार रश्मि व शाने अली की अभिरक्षा में रखने की पुलिस कार्यवाही को अवैध व जीवन के मूल अधिकारों का उल्लघंन करार दिया है। साथ ही एसएसपी अलीगढ़ से रिपोर्ट मांगी है।

Oct 18, 2025 10:07 pm ISTDinesh Rathour प्रयागराज, विधि संवाददाता
share Share
Follow Us on

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से निरुद्ध शाने अली व रश्मि को स्वतंत्र कर दिया है और कहा कि दोनों बालिग हैं, वे जहां चाहे अपनी मर्जी से जाने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने बिना कानूनी प्राधिकार रश्मि व शाने अली की अभिरक्षा में रखने की पुलिस कार्यवाही को अवैध व जीवन के मूल अधिकारों का उल्लघंन करार दिया है और एसएसपी अलीगढ़ को उक्त पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच करने और एक माह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक तनाव व सामाजिक दबाव के कारण किसी नागरिक की निरुद्धि को उचित नहीं ठहराया जा सकता। सामाजिक दबाव में निरुद्धि गैर कानूनी है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

कोर्ट ने कहा कि गणतांत्रिक देश में कानून का शासन होता है। समाज के दबाव में शासन काम नहीं करता। राज्य व कानून लागू करने वाले तंत्र से उम्मीद की जाती है कि कानूनी शक्ति का इस्तेमाल नागरिक की सुरक्षा के लिए करें, न कि सामाजिक दबाव में उसका गलत इस्तेमाल करें। सामाजिक दबाव में पुलिस किसी नागरिक के जीवन के मूल अधिकारों में कटौती नहीं कर सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति डीसी सामंत की खंडपीठ ने तहसीम व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। छुट्टी के बावजूद नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट बैठी और अंतर धार्मिक विवाह करने वाले बालिग युगल को पुलिस के चंगुल से मुक्त कराया।

शाने को थाने और रश्मि को वन स्टाप सेंटर में रखा

पुलिस गत 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट आए रश्मि व शाने अली को पकड़कर अलीगढ़ ले गई थी, जहां शाने अली को थाने में रखा गया और रश्मि को वन स्टाप सेंटर भेज दिया था। 17 अक्टूबर को लड़की न्यायिक मजिस्ट्रेट अलीगढ़ के समक्ष पेश की गई, जहां उसका बयान दर्ज किया गया। लड़की ने बताया कि वह अपनी मर्जी से गई थी और दोनों ने शादी कर ली है। वह अपने शौहर के साथ रहना चाहती है। कोर्ट ने लड़की के बालिग होने के आधार पर उसे स्वतंत्र करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने दोनों को शनिवार को पेश करने का निर्देश दिया था, जिस पर पुलिस ने उन्हें पेश किया। कोर्ट ने उनसे पूछताछ की।

पुलिस ने कहा तनाव था इसलिए अभिरक्षा में लिया

सरकारी वकील ने बताया कि अंतर धार्मिक शादी को लेकर समाज में तनाव था। समाज के दबाव के कारण दोनों की पुलिस ने अभिरक्षा ली। कोर्ट इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुई और कहा पुलिस के खिलाफ विभागीय जांच कार्यवाही की जाए। कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को निर्देश दिया कि पुलिस सुरक्षा में वे जहां चाहें, उन्हें पहुंचाया जाए। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज, एसएसपी अलीगढ़, एसएसपी बरेली को भी दोनों की सुरक्षा करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई पर 28 अक्टूबर को जांच रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में शादी वैध है या नहीं, यह विचार नहीं किया जा सकता।

15 अक्तूबर को हुए थे लापता

याचिका में आरोप लगाया गया कि बालिग दंपति, शाने अली और रश्मि 15 अक्टूबर को उच्च न्यायालय परिसर से निकलने के बाद लापता हो गए। याचिका के अनुसार सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों हाईकोर्ट परिसर से चले गए और तब से उन्हें नहीं देखा गया। उसी शाम शाने अली ने अपने भाई को फोन कर बताया कि वह और रश्मि प्रयागराज के पीवीआर सुभाष चौराहे के पास एक ई-रिक्शा में हैं और रश्मि के पिता व कुछ अन्य लोग उनका पीछा कर रहे हैं। इस कॉल के कुछ ही देर बाद शाने अली का फोन बंद हो गया। तब से न तो उसका और न ही रश्मि का कोई पता चल पाया है।

याचिका में आरोप लगाया गया कि उसी शाम यह घटना न्यायालय के संज्ञान में लाई गई थी, जिसके बाद सरकारी वकील को प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने के प्रभारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि याचिका में कहा गया है कि परिवार द्वारा थाने जाने के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में यह भी कहा गया कि 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान रश्मि ने पीठ के समक्ष बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से शाने अली के साथ रह रही है और उससे शादी करना चाहती है। दोनों ने पहले भी रश्मि के परिवार से मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour
दिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव है। लंबे समय तक प्रिन्ट में डेस्क पर रहे हैं। यूपी के कानपुर, बरेली, मुरादाबाद और राजस्थान के सीकर जिले में पत्रकारिता कर चुके हैं। भारतीय राजनीति के साथ सोशल और अन्य बीट पर काम करने का अनुभव। इसके साथ ही वायरल वीडियो पर बेहतर काम करने की समझ है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |