
इलाहाबाद हाईकोर्ट से सपा को बड़ी राहत, मुरादाबाद जिला कार्यालय खाली करने का आदेश रद्द
इलाहाबाद हाईकोर्ट से सपा को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मुरादाबाद स्थित सपा के जिला कार्यालय को खाली करने के जिला प्रशासन के आदेश को रद्द कर दिया है। दरअसल, जिला प्रशासन ने 16 सितंबर को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिल स्थित इस कार्यालय का आवंटन निरस्त कर दिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मुरादाबाद स्थित सपा के जिला कार्यालय को खाली करने के आदेश को रद्द कर दिया है। इससे जिला पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत मिली है। बता दें कि सपा कार्यालय का आवंटन जिला प्रशासन ने 16 सितंबर को निरस्त कर दिया था।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिल स्थित सपा कार्यालय को लेकर हाईकोर्ट ने 28 अक्तूबर तक यथा स्थिति बनाए रखने आ आदेश दिया था। बता दें कि इससे पहले 6 अक्तूबर को प्रशासन सपा कार्यालय को खाली कराने पहुंची थी। आला अफसर एसीएम प्रथम प्रिंस वर्मा, तहसीलदार आदित्य श्रीवास्तव और सीओ सिविल लाइंस कुलदीप यादव, पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। जहां पहले से ही सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, पूर्व विधायक हाजी रिजवान समेत अन्य सपा नेता पहले से ही मौजूद थे। दोनों तरफ से बातचीत के बाद अफसरों ने सपा नेताओं को 4 दिन का समय दे दिया था।
16 सितंबर को निरस्त कर दिया गया था आवंटन
दरअसल, सपा दफ्तर का आवंटन प्रशासन ने 16 सितंबर को निरस्त कर दिया था। प्रशासन की ओर से दिए गए नोटिस में लिखा था कि यह नजूल की भूमि है जो नगर निगम के प्रबंध क्षेत्र में आती है। लिहाजा नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद नगर निगम की टीम इस भवन पर कब्जा लेगी। इससे पहले 30 जुलाई को भी जिला प्रशासन की ओर से सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर भवन को खाली करने के लिए कहा था।
इस नोटिस के बाद सपा जिलाध्यक्ष ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि कार्यालय का किराया लगातार जमा किया जाता रहा है। भवन पर कब्जा पूरी तरह से वैध है। प्रशासन ने सभी तर्कों को खारिज कर शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी भवन का आवंटन 15 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रह सकता। वर्तमान में इस कार्यालय को आवंटित हुए तीन दशक से ज्यादा बीत चुके हैं। इसी आधार पर आवंटन निरस्त कर दिया गया। समाजवादी पार्टी द्वारा हाईकोई में याचिका दाखिल की गई है।





