
भाजपा के सभी कार्यक्रम निरस्त, सीएम योगी ने खुद संभाला मोर्चा; विधायकों को भी इस काम पर लगाया
उत्तर प्रदेश में भाजपा के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए सभी विधायकों की वर्चुअल बैठक की और दो टूक कहा कि सभी काम छोड़कर केवल एसआईआर में जुटें।
भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। एक सप्ताह तक अब सरकार और पार्टी संगठन का पूरा फोकस केवल एसआईआर पर रहेगा। दरअसल, पार्टी राजधानी लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद सहित प्रदेश के सभी महानगरों के एसआईआर में पिछड़ने से चिंतित है। मुख्यमंत्री आवास में हुई हुई संघ और भाजपा की समन्वय बैठक में भी इसे लेकर चिंता जताई गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए सभी विधायकों की वर्चुअल बैठक की और दो टूक कहा कि सभी काम छोड़कर केवल एसआईआर में जुटें।
एसआईआर को लेकर भाजपा अभियान चला रही है। लगातार मॉनीटरिंग भी हो रही है। बावजूद इसके प्रदेश के महानगरों में मनचाहे परिणाम नहीं आ पा रहे। कई विधायकों ने भी इस मुहिम में बहुत रुचि नहीं दिखाई है। पार्टी ने जब जिलेवार समीक्षा की है तो पाया कि जिलों का हाल तो अच्छा है मगर महानगरों की स्थिति ठीक नहीं है। वहां अभी 55 से 70 फीसदी के बीच ही गणना प्रपत्रों का काम हो पाया है। यह स्थिति तब है जब चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए एक सप्ताह की समयसीमा बढ़ाकर उसे 11 दिसंबर कर दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों में प्रदेश में एसआईआर को लेकर जो बढ़त दिख रही है, वो जिलों के कारण है।
संघ-भाजपा की समन्वय बैठक में जताई थी चिंता
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में सोमवार को हुई मुख्यमंत्री सहित सरकार और संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक में एसआईआर का मुद्दा उठा। महानगरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए संबंधित विधायकों को काम में जुटने के निर्देश देने को कहा गया। उसके बाद मंगलवार को प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश के शीर्ष नेताओं की बैठक की। इसमें 30 नेताओं की जिला और कमिश्नरी स्तर पर एसआईआर को लेकर ड्यूटी लगाने का फैसला किया गया। इन नेताओं को निर्देशित किया गया है कि फोटो खिंचाने के चक्कर में न रहें। ना नेतागिरी करें। केवल प्रभार वाले जिले में पूरी शिद्दत से मॉनीटरिंग करें। माहौल बनाकर काम में तेजी लाएं। इसके बाद महामंत्री संगठन ने वाराणसी में एसआईआर को लेकर बैठक की। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले अमेठी और रायबरेली में एसआईआर को लेकर बैठकें कीं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मथुरा में मोर्चा संभाला।
दिखने चाहिए सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को देर शाम पार्टी विधायकों संग वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा की। महानगरों के नतीजों के साथ ही सबसे कम गणना फार्म जमा हो पाने वाली विधानसभा सीटों को लेकर चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि फिलहाल सारे कार्यक्रम निरस्त करके केवल एसआईआर में जुटें। हर हाल में अगले दो-तीन दिन में इसके सकारात्मक परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र वोटर छूटने न पाए। जिनके वोट नहीं हैं, उनके नये बनवाएं। दोहरे वोट या संबंधित पते पर निवास न करने वाला कोई भी व्यक्ति वोटर न बनने पाए। सूची में कोई अवैध घुसपैठिया शामिल न होने पाए।





