चौका-चूल्हा के साथ लिख रहीं आत्मनिर्भरता की पटकथा
प्रगतिशील महिला किसानों ने कंधे से मिलाया कंधा,पहले खुद आत्मनिर्भर बनी, अब दूसरों को दे रहीं रोजगार,महिला किसान ने अपना एफपीओ बनाकर महिलाओं को जोड़ा,श्रीअन्न के उत्पादों को बनाकर बाजार में बनाई जगह, महिला किसानों का साल का लाखों रुपये का है टर्न ओवर,परा स्नातक होने के बाद भी चुना खेतीबाड़ी का रास्ता
घर में चौका-चूल्हा करने वाली महिलाएं अब ठान लें तो क्या नहीं कर सकती। खेती-किसानी में जनपद की महिलाएं किसी से कम नहीं है। इसका जीवंत उदाहरण किसान मेले में देखने को मिला। घर के काम के साथ खेती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रगतिशील महिला किसानों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। महिलाओं ने बहुत छोटे स्तर से खेती की शुरुआत की। इसके बाद अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जोड़ा। वर्तमान में महिला किसान खुद का किसान उत्पादक संगठन संचालित कर रही है। साथ ही खुद की उगाई हुई फसल से उत्पाद भी तैयार कर रही हैं। ग्रामीण आंचल में रहने के बाद भी महिलाओं ने अपने हुनर को दबने नहीं दिया। अपने किसान पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। आज वह हर काम में पति का हाथ बंटा रही हैं साथ ही आर्थिक स्तर पर भी बराबरी की कगार पर हैं। ऐसी ही महिला किसानों पर पेश है एक रिपोर्ट...
आमतौर पर ग्रामीण आंचल में महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी दूभर होता है। उनका पूरा दिन चूल्हे की आग में फूंक मारते हुए बीतता है। मगर, अब हालात बदल चुके हैं। गांव की महिलाएं भी बहुत कुछ कर सकती है। धनीपुर के शेखा निवासी प्रीति सिंह महिला किसान हैं। उनके पति संतोष सिंह भी प्रगतिशील किसान हैं। प्रीति ने समाजशास्त्र से परा स्नातक की पढ़ाई की है। परिवार पहले कंपनी बाग के पास प्रभात नगर में रहता था। लेकिन वर्ष 2013 में परिवार गांव के घर में रहने चला गया। इसके बाद पति ने खेतीबाड़ी संभाली। ब्रज किसान एफपीओ बनाकर खुद को स्थापित किया। प्रीति का पूरा दिन खाने-पीने और बच्चों को संभालने में जाता। दो वर्ष पहले प्रीति ने भी खेती के क्षेत्र में कुछ करने की ठानी। सबसे पहले अपने पति से प्रशिक्षण लिया। इसके बाद खुद जैविक खेती के माध्यम मोटे अनाज की फसलें की। धीरे-धीरे इसमें लाभ होने लगा। अन्य महिला किसान भी उनके जुड़ गई। उन्होंने शुद्धतम नाम से महिलाओं का किसान उत्पादक संगठन बनाया। इसके बाद कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वर्तमान में उनके एफपीओ में करीब 52 महिला किसान जुड़ी हुईं हैं। महिलाओं को रोजगार मिला। एफपीओ मिलेट्स के उत्पाद तैयार करता है। इसके साथ अचार व पापड़ का काम भी किया जा रहा है। प्रीति ने बताया कि वह महिला किसानों को जैविक खेती पर नि:शुल्क प्रशिक्षण भी देती हैं।
खुद के साथ दूसरों को किया आत्मनिर्भर
अतरौली के चाऊपुर होज की रीता देवी भी प्रगतिशील किसान हैं। पिछले दो वर्षों से वह मोटे अनाज के उत्पादों पर काम कर रही हैं। पति बबलू शर्मा जैविक खेती करते हैं। रीता ने बीए की पढ़ाई की है। शुरु में शिक्षिका बनने का मन था। लेकिन जब पति को खेती करते देखा तो ह्रदय परिवर्तन हुआ। उन्होंने भी खेती में भविष्य तलाशना शुरु किया। पहले खुद मोटे अनाज की खेती की। उसके उत्पाद तैयार कर बाजार में पकड़ बनाई। प्रगतिशील किसान पति बबलू शर्मा के एफपीओ शक्ति फार्मर से जुड़ गईं। इसके बाद पति के कंधे से कंधा मिलाकर खेती किसानी करनी शुरु की। धीरे-धीरे करके महिलाएं जुड़ती गईं। वर्तमान में 65 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मिलेट्रस के लड्डू, बिस्किट, मठरी आदि सामान तैयार किया है। महिला किसान का कहना है कि मोटे अनाज को लोग भूलते जा रहे हैं। इसके चलते घर-घर बीमारी फैल रही है। वह एक आंदोलन की तरह इस पर काम कर रही है। मोटे अनाज के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। जितना लोग इसे अपनाएंगे, उतना बीमारियों को दूर कर सकेंगे। वर्तमान में वह महिलाओं को मिलेट्स के उत्पाद बनाना सिखा रही हैं, जिससे कि वह महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकें।
कृषि सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंडल की कृषि सखियों ने भी प्रतिभाग किया। कृषि सखी की भूमिका किसानों के बीच नए कृषि तरीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और प्राकृतिक खेती का प्रसार करना है। वे किसानों को नई तकनीकों, वैज्ञानिक ज्ञान और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर उनकी सहायता करती हैं। उनका काम है नई कृषि तकनीकों और टिकाऊ प्रथाओं को किसानों तक पहुंचाना। मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के महत्व के बारे में किसानों को शिक्षित करना। वैज्ञानिकों, मीडिया और अन्य स्रोतों से नवीनतम जानकारी प्राप्त करके और किसानों को बताया। ग्राम संगठनों और संस्थाओं के कार्यों में समन्वय स्थापित करना और उन्हें व्यवस्थित करना। ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित करके और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना।

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Sunil Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




