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कर केसरिया किए कसूंबा जाते धूम मचाने

कर केसरिया किए कसूंबा जाते धूम मचाने

संक्षेप:

वीरता, त्याग और मर्यादा के प्रतीक क्षत्रिय समाज का अलीगढ़ से रिश्ता इतिहास के पन्नों में गहराई से दर्ज है। यह भूमि न केवल शिक्षा और संस्कृति की जननी रही है, यहां के क्षत्रिय परिवारों ने देश की स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और धार्मिक संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

Oct 12, 2025 06:59 pm ISTSunil Kumar हिन्दुस्तान
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अलीगढ़ की धरती पर क्षत्रिय समाज का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है। गंगा-यमुना के दोआब में बसे इस क्षेत्र में राजपूत वंशों ने न केवल शासन किया, स्थानीय समाज की संरचना को भी दिशा दी। लोधा, इगलास, टप्पल, खैर और अतरौली और कोल क्षेत्र में आज भी क्षत्रिय परिवारों की गहरी जड़ें हैं। मुगलकाल और अंग्रेजी शासन के दौरान भी कई क्षत्रिय वीरों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

हिन्दुस्तान समाचार पत्र के अभियान बोले अलीगढ़ के तहत टीम ने शनिवार को आईटीआई रोड स्थित एक लॉज में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने बताया कि 1857 की क्रांति में अलीगढ़ के क्षत्रिय योद्धाओं का योगदान अमिट है। जिन्होंने न केवल आजादी के लिए संघर्ष किया, शिक्षा को भी हथियार बनाया। क्षत्रिय समाज ने न केवल वीरता दिखाई बल्कि समाजसेवा, शिक्षा, राजनीति और धार्मिक संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाई। मंदिरों के संरक्षण, गौशालाओं की स्थापना और सामाजिक एकता के कार्यों में यह समाज सदैव अग्रणी रहा है। वर्तमान में क्षत्रिय समाज शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और राजनीति के क्षेत्र में अग्रणी है। नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को आधुनिक सोच से जोड़कर आगे बढ़ रही है। समाज के युवा अब तकनीक, सिविल सर्विस और सामाजिक संगठनों में नेतृत्व कर रहे हैं। क्षत्रिय महासभा और अन्य संगठनों के माध्यम से एकता, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को जीवित रखने का प्रयास जारी है।

हमारे समाज में एकता और संगठन की जरूरत पहले से ज्यादा है। अगर हम अपने इतिहास और परंपरा को बनाए रखना चाहते हैं तो युवाओं को इन मूल्यों को आत्मसात करना होगा।

डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष

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आज जब समाज में विभाजन बढ़ रहे हैं, क्षत्रिय समाज की एकता एक मिसाल है। हमें अपने संगठन को और मजबूत करना चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग तक मदद और सहयोग पहुंचे।

जैकी ठाकुर, पश्चिमी यूपी अध्यक्ष

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हर युग में क्षत्रिय समाज ने चुनौतियों का सामना किया है। आज की चुनौतियां अलग हैं, लेकिन हमारे संस्कार वही हैं - साहस, सेवा और सम्मान। यही हमें भविष्य की ओर ले जाते हैं।

काका ठाकुर, मंडल प्रभारी

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हमारे पूर्वजों ने जो त्याग किए, वह हमारी प्रेरणा हैं। हमें अपने बच्चों में वही आदर्श डालने होंगे ताकि आने वाली पीढ़ी भी क्षत्रिय समाज की शौर्यगाथा को आगे बढ़ा सके।

प्रमोद कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष

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अलीगढ़ का क्षत्रिय समाज हमेशा से राष्ट्र और धर्म की रक्षा में अग्रणी रहा है। आज जब समाज आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, तब भी हमारी जड़ें परंपरा से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यही हमारी असली ताकत है।

सारिका सिंह

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हमारे पूर्वजों ने जिस साहस और आत्मसम्मान की नींव रखी थी, उसी पर आज का समाज खड़ा है। अलीगढ़ की वीरांगनाओं में वह जोश अब भी है, जो देश और समाज दोनों के लिए कुछ बड़ा करने को प्रेरित करता है।

मीरा जादौन, जिलाध्यक्ष, वीरांगना

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क्षत्रिय समाज की सबसे बड़ी पहचान उसकी अनुशासनप्रियता और त्याग की भावना है। अलीगढ़ में अनेक संस्थान और सामाजिक मंच हमारे समाज के सहयोग से चल रहे हैं, जो शिक्षा और संस्कार दोनों को बढ़ावा देते हैं।

पवित्रा सिंह

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क्षत्रिय समाज का इतिहास शौर्य और मर्यादा का इतिहास है। अलीगढ़ की मिट्टी में वह गौरव अब भी बसता है। अगर हम अपनी जड़ों को याद रखें तो हमारा समाज हमेशा प्रगति की राह पर रहेगा।

मेघा सिंह

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क्षत्रिय समाज ने हमेशा अपने कर्म और चरित्र से पहचान बनाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एकता, भाईचारा और मर्यादा की मिसाल क्षत्रिय परिवारों में देखने को मिलती है। यह हमारे समाज की नींव है।

भावना चौहान, मंडल अध्यक्ष, वीरांगना

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हमारे समाज ने हमेशा हर वर्ग की मदद की है। मंदिर निर्माण, गौशाला संचालन या शिक्षा संस्थान हर जगह क्षत्रिय परिवारों का समर्पण देखा जा सकता है। यह हमें अपने दायित्व का एहसास कराता है।

जलज सिंह

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हमारा समाज केवल अपने गौरवशाली अतीत पर नहीं टिका है, भविष्य की दिशा तय कर रहा है। शिक्षा, सेवा और संस्कृति के माध्यम से हम जिले को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

प्रतिमा सिंह

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हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि क्षत्रिय होना केवल कुल की बात नहीं, आचरण की बात है। यही शिक्षा हमें अलीगढ़ की मिट्टी ने दी है, जहां मर्यादा और सेवा जीवन का मूलमंत्र है।

स्नेहलता जादौन

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क्षत्रिय होना गर्व की बात है, लेकिन उससे बड़ा गर्व यह है कि हम अपने समाज की गरिमा को कर्म से बढ़ा रहे हैं। यही संदेश हमें अलीगढ़ की धरती से मिलता है।

कौशल सिंह, महानगर अध्यक्ष

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अलीगढ़ के क्षत्रिय परिवारों ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी है। बच्चों को संस्कार और आधुनिक ज्ञान दोनों सिखाए जाते हैं। यही वजह है कि यहां से अनेक अधिकारी, सैनिक और शिक्षक निकलते हैं।

दीपक सिंह, मंडल प्रभारी

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हमारे समाज की सबसे बड़ी पूंजी है परस्पर सम्मान और सहयोग। अलीगढ़ में सामाजिक कार्यों में क्षत्रिय परिवारों की भागीदारी यह साबित करती है कि हम एकजुट हैं और समाज के प्रति संवेदनशील भी।

विवेक प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष

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अलीगढ़ में क्षत्रिय महासभा जैसी संस्थाएं समाज के हित में काम कर रही हैं। ये मंच नई पीढ़ी को जोड़ने और पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं।

आलोक प्रताप सिंह

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शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी युवाओं में भरेंगे जोश

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा विजयदशमी को लेकर रविवार को क्षत्रिय महासम्मेलन का आयोजन आईटीआई रोड स्थित एक लॉज में किया जाएगा। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर एवं कार्यकारी अध्यक्ष युवराज अम्बरीष पाल सिंह करेंगे। मुख्य अतिथि शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी युवाओं में जोश और ऊर्जा का संचार करेंगे। वहीं संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह, महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष बबीता चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह भी शिरकत करेंगी। मुख्य वक्ता किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एपी सिंह, भाजपा नेता आरपी सिंह, ललित राणा रहेंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ शैलेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इसमें समाज के बुजुर्गों का सम्मान, हाईस्कूल में 85%, इंटर में 80% से अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं, सरकारी नौकरी में चयनित युवाओं, एमबीबीएस और आईआईटी में चयनित प्रतिभाओं, समाजसेवियों को सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर शनिवार को एक बैठक हुई।

Sunil Kumar

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