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17 जनवरी, 2021|2:18|IST

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गजब, कम्यूनिटी किचिन में एक समय बन रहा खाना, साफ-सफाई का ख्याल नहीं

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कहते हैं कि चिराग तले अंधेरा। यह कहावत अलीगढ़ में नगर निगम द्वारा संचालित कम्यूनिटी किचिन पर लागू हो रही हैं। बुधवार को कमिश्नर व डीआईजी ने जब निरीक्षण किया तो पोल खुल गई। कहीं एक समय का ही खाना बनता मिला तो कहीं साफ-सफाई का जरा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था।

कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी व डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने कोविड-19 वायरस के संक्रमण के बचाव के चलते गभाना तहसील के कांशीराम राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए आश्रय स्थल व नगर निगम द्वारा संचालित दो कम्युनिटी किचिन अम्बेडकर भवन, दुबे का पडाव व डोरीनगर का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने अम्बेडकर भवन कम्युनिटी किचिन में बनाए गए खाने की गुणवत्ता को परखते हुये तैयार भोजन के पैकेट पर असंतोष प्रकट करते हुये कहा कि पैकेट में भोजन की मात्रा को बढ़ाया जाने के साथ अचार अवश्य दिया जाये। उन्होंने कहा कि पात्रों एवं जरूरतमंदों को हर हाल में खाना मुहैया कराया जाए। इस आपदा के समय शासन के पास धन की कोई कमी नहीं है। नगर निगम को निर्देशित किया कि वह धन अभाव में तहसील में राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये बजट का सुदपयोग कर व्यवस्थाओें में सुधार करें।

अम्बेडकर भवन, दुबे का पडाव पर संचालित कम्यूनिटी किचिन में सफाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं पाई जाने पर नाराजगी जताते कमिश्नर ने व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि संक्रमण से बचने के लिये अत्यंत आवश्यक है कि खाना साफ, शुद्व और गुणवत्तायुक्त होना चाहिये। कमिश्नर को अम्बेडकर भवन कम्यूनिटी किचिन में मास्क, सेनीटइजर तो मिले लेकिन रसोई में गन्दगी मिलने पर नाराजगी जताकर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि खाना बनाने वालों को चाहिये कि वह साफ-सफाई के साथ ही सामाजिक दूरी का भी पालन करें। कमिशनर ने निरीक्षण में पाया कि अम्बेडकर भवन कम्यूनिटी किचिन एवं डोरीनगर कम्यूनिटी किचिन मंय शाम का खाना नहीं पकाया जा रहा है। उन्होंने दोनों समय खाना पकाये जाने एवं आवश्यकतानुसार खाना के पैकेट बढाये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि खाना वितरण में प्लास्टिक की थैली का प्रयोग न किया जाये। मण्डल में व्यक्ति भूखा जागे जरूर, परन्तु भूखा सोने न पाये, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये।

गभाना में काशीराम राजकीय महाविद्यालय में बनाये गये आश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुये उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर ने अपने निरीक्षण में पाया कि महाविद्यालय में बनाये गये आश्रय स्थल में 134 महिला पुरूष ठहरे हुये हैं। आश्रय स्थल की क्षमता 300 व्यक्तियों की है। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनके हालचाल एवं समस्यओं को भी जाना। एक महिला ने अपने बच्चे के लिये दूध की मांग की, जिस पर एसडीएम गभाना को निर्देशित किया गया कि बच्चे के लिये प्रतिदिन दूध उपलब्ध कराया जाये। आश्रय स्थल में लगे सीलिंग फैन जो खराब है उनकी मरम्मत कराते हुये लगवाये जायें और प्रकाश, हवा और पानी की समुचित व्यवस्था हो, बिजली के लिये जनरेटर स्थापित किया जाये एवं मनोरंजन के साधन जुटाते हुये टीवी और पब्लिक एड्रस सिस्टम भी लगाया जाये। इस दौरान एडीएम वित्त विधान जयसवाल, एसडीएम गभाना अनीता यादव आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Wonderful food is becoming a time in the community kitchen no care for cleanliness