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खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर, गांव तक पहुंची यमुना

खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर, गांव तक पहुंची यमुना

गर्मी से राहत देने वाली बारिश अब आफत में तब्दील हो गई है। जिले के एक मुहाने पर यमुना उफान पर है तो दूसरे पर गंगा। यमुना के पानी ने टप्पल क्षेत्र के दो गांवों के मुहाने पर दस्तक दे दी है। भनक लगते ही प्रशासनिक अमला भी गांवों का रुख करने लगा है, सुबह जहां तहसील ने स्थिति परखी वहीं शाम को एसडीएम भी गांव पहुंच गए। यमुना के जलस्तर का जायजा लिया। वहीं दूसरे छोर पर गंगा की हलचल भी प्रशासन की बेचैनी बढ़ाने लगी है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब आने पर राहत व बचाव के इंतजाम तेज कर दिए हैं। संभावित प्रभावित होने वाले गांवों में सुरक्षित स्थान तलाशने के साथ ही जिम्मेदारों को भी तैनात कर दिया है। नाव आदि से लेकर राहत सामग्री का भी इंतजाम तेजी से किया जा रहा है।

यमुना में भी छोड़ा गया 1.56 लाख क्यूसेक पानी

यमुना में ओखला से 1.56 लाख क्यूसेक पानी छोडे़ जाने के बाद टप्पल क्षेत्र के महाराजगढ़ और शेरपुर गांवों के मुहाने तक पानी पहुंच गया है। खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को सजग रहने की चेतावनी जारी करते हुए अलर्ट कर दिया है।

यमुना नदी में पिछले कई दिनों जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जिला प्रशासन द्वारा हाईअलर्ट जारी किये जाने के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने सम्भावित बाढ़ ग्रसित गांव महाराजगढ़ व शेरपुर में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए 22 नावों का इंतजाम किया है। टप्पल स्थित मंडी समिति को खाली कराकर कंट्रोल रूम बनाया है साथ ही किसी भी प्रकार का खतरा होने की स्थिति में ग्रामीणों को मंडी समिति स्थित अस्थायी आवास में रुकवाने का भी इंतजाम किया है। रविवार को ओखला बांध से 1.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर एक मीटर और बढ़ जाएगा। फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर 205 मीटर है। जबकि खतरे का निशान 207 मीटर पर है। महाराजगढ़ गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। चार गांवों में दो-दो लेखपालों की ड्यूटी दो चरणों में लगाई गई है। जलस्तर बढ़ने पर महाराजगढ़ व शेरपुर के अलावा नगला अमर सिंह व मालव तक भी पानी पहुंच सकता है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। राजस्व टीम यमुना नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। संम्भावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये स्वास्थ्य, बिजली, सिंचाई विभाग के साथ-साथ इलाका पुलिस भी मुस्तैद है।

एसडीएम व तहसीलदार ने लिया गांवों का जायजा

गांव किनारे पानी पहुंचने की सूचना पर तहसीलदार कौशल कुमार कुमार ने राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना किया। महाराजगढ़ व शेरपुर में खतरे का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को टप्पल स्थित अस्थायी आवास में पहुंचने को कहा गया है। जिस पर लोगों ने जरूरी सामान इकट्ठा कर लिया है।

सिंचाई विभाग ने 178.12 मीटर गंगा का जलस्तर किया दर्ज

यमुना ही नहीं जिले के मुहाने बह रही गंगा नदी भी उफान पर है। सिंचाई विभाग के मुताबिक गंगा खतरे के निशान को छू रही है। इस समय गंगा का जलस्तर 178.12 है, जबकि खतरे का निशान 178.77 है। नरौरा पर गंगा में इस समय 1.34 लाख क्यूसेक पानी है। ऐसे में हरिद्वार से छोड़े गए पानी के आने पर नरौरा के किनारे बसे गांवों में बाढ़ के हालात हो सकते हैं। गंगा में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सांकरा के आसपास रहने वाले करीब दो दर्जन ग्राम वासियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा शिविरों को तैयार कराया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर सांकरा के श्री कृष्ण इंटर कॉलेज में रैन बसेरा तैयार किया जा रहा है।

बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद

प्रशासन की तैयारियों के संबंध में नायब तहसीलदार अजीत सिंह ने बताया कि सांकरा में प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान ही बाढ़ का खतरा रहता है। इसलिए प्रशासन के अधिकारियों को बाढ़ की दैवीय आपदा से निपटने के लिए तैयारियां रखनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से छोड़े गए पानी के एक सप्ताह बाद तक यहां पर पहुंचने की संभावना है। गांव सांकरा और हारूनपुर कला पर तैनात लेखपाल दिन रात यहां पर रहकर जलस्तर पर निगरानी रख रहे हैं साथ ही दादों पर तैनात राजस्व निरीक्षक भी तैनात हैं। उनके अलावा तहसील प्रशासन के सभी अधिकारियों की नजर बाढ़ स्तर पर लगी हुई है।

बाढ़ चौकी अलर्ट

नायब तहसीलदार ने बताया कि सांकरा समेत कई स्थानों पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। श्री कृष्ण इंटर कॉलेज को रिजर्व रखा गया है। सांकरा गंग नहर के आस पास बसे गांव किरतोली, गहतोली गंग, सीशई, रूपवास, टोडरपुर, गोपालपुर, कंचनपुर समेत दो दर्जन गांव व माजरों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है कि बाढ़ आने की स्थिति में इन ग्रामीणों को खाने पीने की व्यवस्था तहसील प्रशासन द्वारा की जाएगी। दिन रात निगरानी रखी जा रही है। तहसील के अधिकारी नरौरा बैराज के अधिकारियों से बातचीत करके जल स्तर की जानकारी लेते रहते हैं। नायब तहसीलदार ने बताया कि अभी तक जल स्तर सामान्य स्थिति में हैं। एक लाख क्यूसेक पानी के करीब वह रहा है। जब कि खतरे का निशान अभी काफी दूर है। फिर भी हरिद्वार से छोड़े गए पानी के आने के बाद बाढ़ की स्थिति आंकी जाएगी।

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  • Web Title:Water level of Ganga on the danger mark, Yamuna reached the village