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ताई की निर्मम हत्या में दोषी तीन भतीजों को आजीवन कारावास

ताई की निर्मम हत्या में दोषी तीन भतीजों को आजीवन कारावास

संक्षेप:

Aligarh News - - दादों क्षेत्र के गांव अटा में सात साल पहले गोली मारकर व ईंट से कुचलकर की थी हत्या

Jan 31, 2026 12:38 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अलीगढ़
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अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। दादों क्षेत्र में सात साल पहले जमीन के लिए ताई की गोली मारकर व ईंट से कुचलकर हत्या के मामले में शुक्रवार को फैसला आ गया। एडीजे विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम विनय तिवारी की अदालत ने तीन भतीजों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ताऊ की मौत के चार दिन बाद तेरहवीं से पहले ही दोषियों ने ताई पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया था। मना करने पर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह ने बताया कि एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र के गांव बुरेहनाबाद निवासी महावीर ने मुकदमा दर्ज कराया था।

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इसमें कहा था कि दादों क्षेत्र के गांव अटा निवासी उनकी बड़ी बहन राजनश्री (55) के पति (बहनोई) अजब सिंह की 19 अप्रैल 2019 का बीमारी से निधन हो गया था। उन पर कोई संतान नहीं थी। बहनोई के भतीजे ऋषिपाल, इंद्रपाल व फौजदार उनकी आठ बीघा जमीन पर नजर रखते थे और उसे अपने नाम कराना चाहते थे। इसे लेकर बहन को भी धमकाते थे। इसी डर से निसंतान व अकेले होने के कारण बहन ने महावीर को गांव में अपने साथ रख लिया था। उनके साथ एटा के जलेसर क्षेत्र के गांव नगवाई निवासी उनका भांजा प्रदीप भी गांव में रुक गया था। 22 अप्रैल 2019 को सुबह महावीर व भांजा प्रदीप शौच के लिए खेत में गए थे। जब लौटकर आ रहे थे तो ऋषिपाल व उसके दोनों भाईयों इंद्रपाल व फौजदार राजनश्री से गालीगलौज करते हुए उनके हिस्से की आठ बीघा जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। राजनश्री का कहना था कि जो उसकी सेवा करेगा, वह उसे जमीन देंगी। जमीन देने से मना करने पर ऋषिपाल ने तमंचे से उन पर गोली चला दी। इंद्रपाल व फौजदार ने उन पर ईंट से प्रहार किए, जिससे मौके पर ही राजनश्री की मौत हो गई। प्रदीप बचाने को पहुंचा तो मुल्जिम उसे भी गोली मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेजा। तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। साथ ही 16500-16500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ऋषिपाल पर शस्त्र अधिनियम में पांच हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। पूरी राशि में से 25 प्रतिशत रकम वादी को देने के आदेश दिए हैं।