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बेटे के इलाज के लिए किडनी बेचने को तैयार था पिता, फिर भी न बचा सका

यह सिर्फ एक पिता ही कर सकता है जो बेटे की जान बचाने के लिए शरीर का अंग बेचने को तैयार हो जाए। लेकिन इसके बाद भी वह अपने बेटे को नहीं बचा पाया। इसके पीछे यह वजह रही कि बेटे की जान बचाने के लिए पिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपने शरीर की किडनी बेचने की इजाजत मांगी थी। लेकिन कई पत्र भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया और इस बीच बीमार बेटे की मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद अब पूरा परिवार तनाव में है, और पिता को भी कैंसर हो गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री को पीड़ित की पत्नी की ओर से आखिरी पत्र लिखा गया है।ज्वालापुरी निवारी शिवरानी ने बताया कि उनके पति राजकुमार ने कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और उनसे आर्थिक सहायता और किडनी बेचने की इजाजत मांगी थी। प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपनी समस्या दर्ज कराई थी। तीन पत्र और ऑनलाइन समस्या बताने के बाद भी उनके पास न तो कोई सहायता पहुंची और न ही कोई जवाब आया। सहायता और इजाजत के लिए उन्होंने आखिरी पत्र ७ अगस्त को भेजा था, जिसका जवाब आज तक नहीं आया। इस बीच उनके कैंसर पीड़ित बेटे की मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार तनाव में आ गया और उसके पति राजकुमार को भी कैंसर हो गया है। अब शिवरानी ने 9 सितंबर को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को आखिरी पत्र लिखा है और बताया है कि उनका पूरा परिवार तनाव में है। सरकार की ओर से उनकी सहायता की जाए, जिससे की उनका परिवार संभल सके।

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  • Web Title:The father ready to sell your kidney for son s disease